IRGC का बड़ा बयान: इज़राइल पर लगाया युद्ध अपराध का आरोप, भारी मिसाइल हमले की दी चेतावनी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इज़राइल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। 24 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में IRGC ने इज़राइल पर लेबनान और फिलिस्तीन में आम नागरिकों के खिलाफ व्यापक युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि इज़राइल वर्तमान युद्ध की स्थितियों का गलत फायदा उठा रहा है। इस बयान के बाद मध्य पूर्व के इलाके में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
ईरान और इज़राइल के बीच तनाव की क्या है मुख्य वजह?
ईरान की सेना ने स्पष्ट किया है कि यदि इज़राइल ने लेबनान और गाजा में नागरिकों को निशाना बनाना बंद नहीं किया, तो वह उत्तरी इज़राइल और गाजा के पास मौजूद इज़राइली सैनिकों पर भारी मिसाइल और ड्रोन हमले करेगा। यह जवाबी कार्रवाई बिना किसी संयम के की जाएगी। 24 मार्च को ही इज़राइल ने तेहरान में कुछ बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान की तरफ से यह तीखी प्रतिक्रिया आई है। लेबनान में चल रहे युद्ध के बीच ईरान ने अपनी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने की खुली चेतावनी दी है।
हालिया घटनाक्रम और मुख्य जानकारी
इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी हलचल है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने पहले ही इज़राइल और अमेरिका द्वारा किए जा रहे सैन्य हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है। नीचे दी गई तालिका में इस विवाद से जुड़ी प्रमुख जानकारी दी गई है:
| तारीख | प्रमुख घटनाक्रम |
|---|---|
| 24 मार्च 2026 | IRGC ने इज़राइल पर युद्ध अपराधों का आरोप लगाया और भारी हमले की धमकी दी। |
| 16 मार्च 2026 | लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इज़राइल ने जमीनी सैन्य अभियान शुरू किया। |
| 12 मार्च 2026 | UN विशेषज्ञों ने लेबनान और ईरान पर हमलों को कानून का उल्लंघन बताया। |
| 2 मार्च 2026 | लेबनान के प्रधानमंत्री ने हिजबुल्ला के हमलों को गैर-जिम्मेदाराना बताया। |
DAWN जैसी संस्थाओं ने भी लेबनान और ईरान में नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया जाना चाहिए। वर्तमान में इज़राइल की सेना लेबनान के अंदर जमीनी कार्रवाई कर रही है और हिजबुल्ला के साथ जंग जारी है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र ने भी ईरान पर उनकी सेना पर हमले करने का आरोप लगाया है।




