भारत और GCC देशों के बीच बड़ी बैठक, Strait of Hormuz और सुरक्षा को लेकर विदेश मंत्री ने की चर्चा
भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने नई दिल्ली में Gulf Cooperation Council (GCC) देशों के राजदूतों के साथ एक अहम बैठक की है। इस मीटिंग में खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, Strait of Hormuz के ताजा हालात और ईरान के साथ बढ़ते तनाव पर विस्तार से चर्चा की गई। विदेश मंत्री ने GCC देशों के राजदूतों को क्षेत्र में रहने वाले भारतीय समुदाय की लगातार मदद करने के लिए शुक्रिया भी कहा। इसके साथ ही, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर अमेरिका के साथ भी बातचीत की गई है।
विदेश मंत्री की बैठक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर मुख्य बातें
इस उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा चिंताओं के अलावा व्यापार और आपसी संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
- विदेश मंत्री Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio से फोन पर West Asia के संकट को लेकर चर्चा की।
- US President Donald Trump ने ईरान के लिए Strait of Hormuz को खोलने की समयसीमा को पांच दिन के लिए बढ़ा दिया है।
- भारत ने UN Security Council में उस प्रस्ताव का समर्थन किया है जो ईरान के हमलों की निंदा करता है और समुद्री व्यापार की आजादी की मांग करता है।
- हाल ही में ईरान के साथ हुई राजनयिक बातचीत के बाद दो भारतीय गैस टैंकरों को सुरक्षित रास्ता मिला है।
भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा की ताजा स्थिति
भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अपने जहाजों और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर बहुत गंभीर है। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, Strait of Hormuz के पास मौजूद सभी भारतीय सुरक्षित हैं और उनकी आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | ताजा जानकारी |
|---|---|
| निगरानी में भारतीय जहाज | 22 जहाज (Indian-flagged) |
| भारतीय नाविकों की संख्या | 611 नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं |
| बीते 24 घंटे की स्थिति | कोई भी अप्रिय घटना दर्ज नहीं हुई |
| सुरक्षित मार्ग पर प्रयास | ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है |
Ministry of Ports, Shipping & Waterways के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि वे ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal के अनुसार, भारत की प्राथमिकता समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है। दुनिया के कई बड़े देश जैसे UAE, UK, फ्रांस और जापान ने भी एक साझा बयान जारी कर ईरान से समुद्री रास्ते में बाधा न डालने की अपील की है।




