Israel Lebanon War Update: इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर किए ताबड़तोड़ हमले, रक्षा मंत्री का एलान अब लिटानी नदी तक बनाएंगे सुरक्षा क्षेत्र
इजरायल और लेबनान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। 24 मार्च 2026 को इजरायली वायुसेना ने दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों और शहरों पर भारी बमबारी की है। इस हमले में आम नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस महीने की शुरुआत से अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 118 बच्चे भी शामिल हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री ने अब दक्षिणी लेबनान में कब्जा बढ़ाने और वहां सुरक्षा घेरा बनाने की बात कही है।
इजरायल के रक्षा मंत्री ने लेबनान को लेकर क्या कहा?
इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ किया है कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में Litani River तक के इलाके को अपने नियंत्रण में लेगी। इजरायली सरकार का कहना है कि वे वहां एक सुरक्षा क्षेत्र (security zone) बनाएंगे ताकि उत्तरी इजरायल के लोग सुरक्षित रह सकें। इसके अलावा इजरायली सेना सीमावर्ती गांवों में लेबनानी घरों को गिराने का काम भी तेज कर रही है। इजरायल के वित्त मंत्री Bezalel Smotrich ने तो दक्षिणी लेबनान की सीमा को लिटानी नदी तक बढ़ाने और उस हिस्से को इजरायल का हिस्सा बनाने की वकालत की है।
लेबनान में अब तक क्या-क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?
इजरायल के इन हमलों से लेबनान में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। मुख्य तटीय सड़क को जोड़ने वाले Qasimiya Bridge को इजरायली विमानों ने दो दिनों में दूसरी बार निशाना बनाकर तबाह कर दिया है। इससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
| तारीख | घटनाक्रम और नुकसान |
|---|---|
| 24 मार्च 2026 | दक्षिणी लेबनान के शहरों और Beirut के उपनगरों (Dahiyeh) पर हवाई हमले हुए। |
| 23-24 मार्च | Selaa कस्बे में एक घर पर हमले में 4 लोगों की मौत और 4 लोग घायल हुए। |
| 23 मार्च | Qasimiya पुल को दूसरी बार नष्ट किया गया जिससे Tyre और Sidon का रास्ता कट गया। |
| 22 मार्च | सैकड़ों हजारों निवासियों को उनके घरों को छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। |
| 2 मार्च से अब तक | इजरायली हमलों में 1,000 से ज्यादा मौतें और 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए। |
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन हमलों पर क्या प्रतिक्रिया आई?
Human Rights Watch और संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इन हमलों को युद्ध अपराध की श्रेणी में आने की बात कही है। उनका कहना है कि नागरिक घरों और बुनियादी ढांचे को जानबूझकर नष्ट करना और लोगों को जबरन विस्थापित करना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। स्पेन के विदेश मंत्रालय ने भी इजरायल के इन कदमों की कड़ी निंदा की है। लेबनान सरकार ने इस बीच Iran के राजदूत को देश छोड़ने का आदेश दिया है और Hezbollah की सैन्य गतिविधियों को राज्य की सत्ता के बाहर बताते हुए उसे हथियार सौंपने के लिए कहा है। संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UNIFIL) ने भी इजरायली सैनिकों द्वारा लेबनानी सीमा पार करने की घटनाओं को दर्ज किया है।




