UAE के समर्थन में उतरा हंगरी, ईरान के हमलों को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
हंगरी की संसद के अध्यक्ष László Kövér ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है। उन्होंने UAE की फेडरल नेशनल काउंसिल (FNC) के अध्यक्ष Saqr Ghobash को एक आधिकारिक संदेश भेजा है। इस संदेश में हंगरी ने ईरान की तरफ से किए गए हमलों की निंदा की और कहा कि वे हर मुश्किल चुनौती में UAE के साथ खड़े हैं।
हंगरी ने हमलों की निंदा करते हुए क्या बातें कहीं?
László Kövér ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि ईरानी हमलों के कारण हुआ नुकसान और ऐसी अमानवीय हरकतें पूरी तरह से गलत हैं। उन्होंने कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में सही नहीं माना जा सकता। हंगरी इस समय मध्य पूर्व के हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए है और वहां की स्थिति को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी देश की संप्रभुता पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए हंगरी का समर्थन
हंगरी ने यह भी साफ किया है कि वह क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए किए जाने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है। हंगरी ने अपनी प्रतिबद्धता को इन बिंदुओं के माध्यम से स्पष्ट किया है:
- हंगरी मौजूदा कठिन परिस्थितियों में UAE को पूरा समर्थन देगा
- क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए किए जाने वाले हर प्रयास का साथ दिया जाएगा
- अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना ही स्थिरता का एकमात्र रास्ता है
- मध्य पूर्व में स्थिरता लाने के लिए उठाए गए हर कदम में हंगरी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा
यह संदेश 24 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से साझा किया गया है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है। हंगरी का मानना है कि इस तरह के हमलों से क्षेत्र की शांति भंग होती है, जिसका असर वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों पर भी पड़ता है।




