West Asia संकट पर Jaishankar का बड़ा कदम, खाड़ी देशों में रह रहे 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और तेल सप्लाई पर हुई चर्चा
भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अपनी कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं। 23 और 24 मार्च 2026 को उन्होंने अमेरिका, खाड़ी देशों और अन्य देशों के मंत्रियों के साथ अहम बातचीत की। इस चर्चा का मुख्य मकसद अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले बुरे असर को कम करना और भारत की खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखना है। सरकार इस समय खाड़ी देशों में रह रहे करीब 1 करोड़ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी काफी गंभीर है।
विदेश मंत्री की बातचीत में क्या रहे मुख्य मुद्दे?
विदेश मंत्री ने अपनी बातचीत के दौरान तीन बड़ी बातों पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। भारत सरकार की प्राथमिकता के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं को सामने रखा:
- बातचीत को प्राथमिकता: भारत चाहता है कि किसी भी विवाद को युद्ध के बजाय बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए सुलझाया जाए।
- भारतीयों की सुरक्षा: खाड़ी देशों में काम कर रहे और रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा भारत के लिए सबसे ऊपर है।
- ऊर्जा सुरक्षा: भारत को मिलने वाले तेल, गैस और उर्वरकों की सप्लाई में कोई रुकावट न आए, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग मांगा गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि इन मुलाकातों में अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio और GCC देशों के राजदूतों के साथ क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा हुई है।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और सप्लाई पर क्या असर होगा?
भारत सरकार के लिए खाड़ी देशों में मौजूद 1 करोड़ भारतीय नागरिक एक बड़ी जिम्मेदारी हैं। भारतीय दूतावासों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन यात्रियों की मदद करें जो सफर के दौरान कहीं फंस गए हैं। इसके अलावा जरूरी सामानों की कीमतों पर असर न पड़े, इसके लिए भी तैयारी की जा रही है।
| विषय | ताजा अपडेट और स्थिति |
|---|---|
| भारतीय नागरिक | खाड़ी देशों से संपर्क साधा गया है ताकि वहां रह रहे 1 करोड़ भारतीयों को कोई दिक्कत न हो। |
| ईंधन और तेल | भारत के दो LPG जहाज सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz को पार कर चुके हैं। |
| अमेरिका का रुख | US ने तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए भारत को एक जरूरी पार्टनर बताया है। |
| राजनयिक प्रयास | बहरीन ने Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए UN में एक प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया है। |
किन-किन देशों के साथ हुई भारत की बातचीत?
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने केवल खाड़ी देशों ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य बड़े देशों के साथ भी तालमेल बिठाया है। उन्होंने जर्मन विदेश मंत्री Johann Wadephul और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री Cho Hyun से ऊर्जा सुरक्षा के मामले पर बात की। इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से भी क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई। श्रीलंका के विदेश मंत्री Vijitha Herath से भी इस संकट के आर्थिक असर को लेकर बातचीत हुई है। अमेरिका ने ईरान के लिए Strait of Hormuz को लेकर समय सीमा को 5 दिन के लिए बढ़ाया है, जिससे फिलहाल जहाजों की आवाजाही में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।




