कतर ने ईरान के 90% से ज्यादा हमलों को किया नाकाम, देश में हाई अलर्ट के बीच सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
कतर और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कतर के विदेश मंत्रालय ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मंत्रालय के अनुसार ईरान से जुड़े 90 प्रतिशत से अधिक हवाई हमलों को देश की डिफेंस प्रणाली ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि कतर अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। फिलहाल कतर ने जवाबी कार्रवाई करने के बजाय क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने को ज्यादा महत्व दिया है।
कतर की सुरक्षा व्यवस्था और हमलों की ताज़ा स्थिति क्या है?
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर माजिद अल अंसारी ने पुष्टि की है कि देश के पास हमलों को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में एयर डिफेंस मिसाइलें मौजूद हैं। 28 फरवरी के बाद से कतर ने कई हवाई खतरों को बीच में ही खत्म किया है। हाल ही में रास लफान (Ras Laffan) गैस सुविधा पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं जिनमें से तीन को हवा में ही मार गिराया गया। सुरक्षा कारणों को देखते हुए कतर सरकार ने ईरान के सैन्य अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का कड़ा आदेश भी दिया था।
प्रवासियों और कतर में रहने वालों पर इसका क्या प्रभाव होगा?
कतर में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य नागरिकों के लिए राहत की बात यह है कि सरकार सुरक्षा के प्रति काफी गंभीर है। कतर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अपनी शिकायत दर्ज कराई है और 19 मार्च तक नौ बार पत्र लिखकर ईरान की हरकतों का विरोध किया है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया गया है ताकि तेल और गैस के उत्पादन केंद्रों को कोई नुकसान न पहुंचे। कतर फिलहाल संयम से काम ले रहा है और अभी तक किसी बड़े सैन्य पलटवार का निर्णय नहीं लिया गया है।
- ईरान के हमलों को विफल करने की दर 90 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है
- सुरक्षा के मद्देनजर ईरानी सैन्य स्टाफ को देश से बाहर निकाला गया है
- कतर की डिफेंस टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात हैं
- संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 2817 के तहत मामले को उठाया जा रहा है




