कुवैत एयर डिफेंस ने आसमान में रोकी 17 मिसाइलें और 13 ड्रोन, रक्षा मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी सीमा में घुस रही 17 बैलिस्टिक मिसाइलों और 13 ड्रोनों का पता लगाया और उन्हें रोकने की कार्रवाई की। यह घटना 24 मार्च 2026 की बताई जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि देश की सेना किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि मलबे के कारण कुछ रिहायशी इलाकों में हल्का नुकसान हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी की जान नहीं गई है।
मिसाइल और ड्रोन हमले को लेकर क्या है ताजा जानकारी?
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल Saud Al-Atwan के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम ने बेहद मुस्तैदी से काम किया। कुवैत के आसमान में कुल 17 मिसाइलें देखी गई थीं, जिनमें से 13 को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। बाकी 4 मिसाइलें खतरे वाले दायरे से बाहर गिरीं। इसी तरह 13 ड्रोनों में से 10 को मार गिराया गया और 3 बिना किसी नुकसान के जमीन पर गिर गए। मलबे की वजह से कुछ घरों और बिजली के खंभों को थोड़ा नुकसान पहुंचा है, जिसे ठीक करने का काम चल रहा है।
अब तक हुई कार्रवाई का पूरा आंकड़ा क्या है?
क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच कुवैत की सेना लगातार अलर्ट पर है। पिछले कुछ दिनों में सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक की कार्रवाई का डेटा भी साझा किया है जो नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| विवरण | कुल संख्या |
|---|---|
| अब तक रोकी गई कुल बैलिस्टिक मिसाइलें | 255 |
| अब तक रोके गए कुल ड्रोन | 549 |
| 24 मार्च को इंटरसेप्ट हुई मिसाइलें | 13 |
| 24 मार्च को मार गिराए गए ड्रोन | 10 |
| सायरन बजने की कुल संख्या | 118 |
| मलबे की कुल रिपोर्ट्स | 498 |
प्रशासन ने आम लोगों के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर Nasser Bousalaib ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सुरक्षा के लिहाज से पिछले 24 घंटों में दो बार चेतावनी वाले सायरन बजाए गए थे। प्रशासन ने कहा है कि लोग सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी किए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करें। कुवैत में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे ऐसी स्थिति में घरों के अंदर रहें और किसी भी संदिग्ध वस्तु को हाथ न लगाएं।




