अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू, ट्रंप ने समझौते के लिए रखी 15 कड़ी शर्तें
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से चल रहा तनाव अब बातचीत के रास्ते पर आता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पुष्टि की है कि इस हफ्ते दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू हुई है, जिसे उन्होंने सकारात्मक और उत्पादक बताया है। ट्रंप ने ईरान के सामने समझौते के लिए 15 शर्तें रखी हैं, जिनमें सबसे प्रमुख शर्त हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खुला रखना और वहां जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है।
ईरान की तरफ से क्या कदम उठाए गए हैं?
ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने हाल ही में घोषणा की थी कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए बंद कर दिया गया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी लापरवाह अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार हैं और वहां समुद्री सुरंगें (Naval Mines) बिछाने का विकल्प भी खुला है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में कम से कम 12 समुद्री सुरंगें मौजूद हो सकती हैं। हालांकि, अन्य देशों के जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर वहां से गुजरने की अनुमति दी गई है।
समझौते की शर्तों में क्या-क्या शामिल है?
राष्ट्रपति ट्रंप की 15 शर्तों में सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रमों को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। समझौते की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य: इस रास्ते को बिना किसी रुकावट के खुला रखना अनिवार्य होगा।
- परमाणु कार्यक्रम: ईरान को यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) के काम को पूरी तरह रोकना होगा।
- क्षेत्रीय सुरक्षा: अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ खतरों को बंद करना होगा।
- ऊर्जा ढांचा: ऊर्जा के बुनियादी ढांचे पर हमलों को टालने के लिए आपसी सहमति बनानी होगी।
ईरानी नेताओं का बातचीत पर क्या कहना है?
ईरान के भीतर बातचीत को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। संसद अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की खबरों को खारिज किया है और कहा है कि ये खबरें बाजार को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही हैं। वहीं, विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि तीसरे पक्ष के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। फिलहाल पाकिस्तान इस संकट को सुलझाने के लिए एक मुख्य मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उनके पास समझौते का मौका है, वरना आने वाले समय में तनाव और बढ़ सकता है।




