Pakistan Saudi Relations: पाकिस्तान ने सऊदी अरब को दिया भरोसा, कहा- सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हमेशा रहेंगे साथ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की है। इस बातचीत के दौरान पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ होने वाले किसी भी हमले में पूरी मजबूती से सऊदी अरब के साथ खड़ा रहेगा। यह बयान ईरान की ओर से बार-बार होने वाले उन हमलों के संदर्भ में आया है जो सऊदी की सुरक्षा के लिए चुनौती बने हुए हैं।
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हालिया घटनाक्रम
मार्च के महीने में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच कूटनीतिक और रक्षा स्तर पर कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई हैं। पाकिस्तान ने रियाद में हुई बैठकों में ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों की निंदा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इससे पहले जेद्दा में क्राउन प्रिंस से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया था। पाकिस्तान ने यह भी संकेत दिया है कि वह क्षेत्रीय शांति के लिए बातचीत की मेजबानी करने को तैयार है।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 24 मार्च 2026 | प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने क्राउन प्रिंस को फोन कर समर्थन दोहराया |
| 19 मार्च 2026 | 11 इस्लामिक देशों के साथ ईरान के हमलों की निंदा की गई |
| 13-14 मार्च 2026 | प्रधानमंत्री और क्राउन प्रिंस की जेद्दा में आमने-सामने मुलाकात |
| 7 मार्च 2026 | पाकिस्तान के आर्मी चीफ और सऊदी रक्षा मंत्री के बीच रणनीतिक चर्चा |
| 17 सितंबर 2025 | दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक साझा रक्षा समझौता हुआ था |
रक्षा समझौता और उसका महत्व
सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच सितंबर 2025 में एक रणनीतिक रक्षा समझौता हुआ था। इस नियम के तहत यह तय है कि किसी भी एक देश पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसी समझौते का हवाला देते हुए पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान को याद दिलाया है कि पाकिस्तान सऊदी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पाकिस्तान की सेना ने भी जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब के साथ खड़े होने की बात कही है।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और पाकिस्तानी प्रवासियों के लिए यह स्थिरता काफी महत्वपूर्ण है। सुरक्षा से जुड़ी इन वार्ताओं का सीधा असर वहां के माहौल और व्यापार पर पड़ता है। पाकिस्तान लगातार कोशिश कर रहा है कि बातचीत के जरिए इस तनाव को कम किया जाए ताकि क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।




