UAE का ईरान के हमलों पर कड़ा जवाब, कहा- संकट की घड़ी में असली दोस्तों को पहचानना जरूरी
UAE ने ईरान की ओर से किए जा रहे लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच अपनी सुरक्षा और कूटनीतिक स्थिति को लेकर कड़ा संदेश दिया है। देश के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि UAE मुश्किल समय का सामना करना जानता है और उसे अब यह देखना है कि संकट की इस घड़ी में वह किन पर भरोसा कर सकता है। Anwar Gargash Diplomatic Academy (AGDA) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल Dr. Mohammed Ibrahim Al Dhaheri ने साफ किया कि UAE के खिलाफ दांव लगाना एक हारने वाला सौदा साबित होगा।
सुरक्षा व्यवस्था और हमलों का मौजूदा हाल
UAE की सुरक्षा प्रणाली ने ईरान की तरफ से होने वाले खतरों को नाकाम करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। अधिकारियों ने हमलों और बचाव को लेकर कुछ जरूरी आंकड़े और जानकारियां साझा की हैं:
- 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने में 90 प्रतिशत से ज्यादा की सफलता मिली है।
- Anwar Gargash के अनुसार, UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने 5 दिनों से भी कम समय में 1,000 से ज्यादा हमलों को हवा में ही ढेर कर दिया।
- सुरक्षा कारणों से दुबई के कई स्कूलों और यूनिवर्सिटीज को दो हफ्तों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई पर शिफ्ट कर दिया गया है।
- दुबई में रहने वाले लोगों को संभावित मिसाइल खतरों के बारे में मोबाइल पर अलर्ट भी भेजे गए हैं।
क्षेत्रीय संगठनों की भूमिका और कूटनीतिक रुख
UAE के वरिष्ठ राजनयिक Anwar Gargash ने अरब लीग और ओआईसी (OIC) जैसे क्षेत्रीय संगठनों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि संकट के इस समय में ये संस्थाएं कहां हैं और इनकी भूमिका क्या है। सरकार का मानना है कि केवल युद्धविराम से खाड़ी क्षेत्र में शांति नहीं आएगी, बल्कि इसके लिए लंबे समय तक चलने वाले सुरक्षा समाधान जरूरी हैं।
| अधिकारी का नाम | प्रमुख बयान |
|---|---|
| Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan | हम आतंकवादियों के आगे कभी नहीं झुकेंगे और न ही उनके द्वारा ब्लैकमेल होंगे। |
| Anwar Gargash | खाड़ी में परमाणु खतरों और मिसाइल हमलों को रोकने के लिए ठोस समाधान की जरूरत है। |
| Dr. Mohammed Ibrahim Al Dhaheri | UAE के पास इन चुनौतियों से उबरने की पूरी ताकत और क्षमता मौजूद है। |
UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत हर संभव कदम उठाने का कानूनी हक रखता है। ईरान के बयानों को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया गया है।




