International Oil Price: तेल की कीमतों में 4% की गिरावट, अमेरिका के 15 सूत्री प्लान से दुनिया को मिली राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी Reuters के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान को युद्ध समाप्त करने के लिए एक 15 सूत्री योजना भेजी है। इस खबर के सामने आने के बाद दुनिया भर में संघर्ष विराम की उम्मीदें बढ़ गई हैं और सप्लाई में आने वाली रुकावटों का डर काफी कम हो गया है।
तेल की कीमतों में अचानक गिरावट क्यों आई?
तेल बाजार में यह बड़ी गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबर के बाद देखी गई है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को जो 15-पॉइंट प्लान भेजा है, उसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे तनाव को कम करना है। जब से यह प्रस्ताव सामने आया है, तब से निवेशकों को भरोसा हुआ है कि आने वाले समय में तेल की सप्लाई बाधित नहीं होगी। इस विश्वास के कारण ही कच्चे तेल के भाव बाजार में नीचे की ओर आए हैं।
आम आदमी और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और आम जनता के लिए तेल की कीमतों में कमी एक राहत भरी खबर मानी जा रही है। कच्चे तेल के दाम गिरने से दुनिया भर में ईंधन की कीमतें कम होने की संभावना बढ़ जाती है। इसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ सकता है।
- ट्रांसपोर्ट के खर्च में कमी आने से जरूरी सामान के दाम कम हो सकते हैं
- विमान ईंधन के दाम गिरने से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की टिकटें सस्ती हो सकती हैं
- महंगाई की दर कम होने से आम आदमी की बचत में सुधार हो सकता है
- खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यात्रा करना और सामान भेजना किफायती होगा




