Qatar News: कतर ने UN में ईरान के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा- हमलों से देश की सुरक्षा और नियमो का हुआ उल्लंघन
कतर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान द्वारा किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। जिनेवा में कतर की प्रतिनिधि हिंद बिंत अब्दुल रहमान अल मुफ्ता (Hind Bint Abdul Rahman Al Muftah) ने कहा कि ईरानी हमलों ने कतर की क्षेत्रीय अखंडता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन किया है। 25 मार्च 2026 को हुई इस चर्चा में कतर ने स्पष्ट किया कि ड्रोन और मिसाइल हमले वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। कतर ने साफ किया है कि वह इन हमलों पर चुप नहीं रह सकता।
संयुक्त राष्ट्र में कतर ने किन बातों पर चिंता जताई?
हिंद बिंत अब्दुल रहमान अल मुफ्ता ने बताया कि ईरान के इन हमलों ने न केवल कतर की सीमाओं का उल्लंघन किया है, बल्कि मानवाधिकारों पर भी गहरा असर डाला है। उन्होंने कहा कि बिजली और पानी साफ करने वाले प्लांट (Desalination Plants) को निशाना बनाने से पर्यावरण को भी भारी नुकसान हो रहा है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान अल थानी ने भी इन हमलों को एक खतरनाक कदम और कतर के साथ भरोसे का उल्लंघन बताया है।
खाड़ी देशों और वहां रहने वाले लोगों पर क्या असर होगा?
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा के अधिकार की बात कही है। सऊदी अरब ने भी ईरान के इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इन घटनाओं का सीधा असर वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों पर पड़ता है।
- ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने रास लफान (Ras Laffan) जैसे ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंका से व्यापार और जरूरी सामानों की सप्लाई रुक सकती है।
- खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चिंता वाली है।
- 25 मार्च को हुए हमलों में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव से कई नागरिक इलाकों में नुकसान हुआ है।
- यूरोपीय देशों और जापान ने भी समुद्र में जहाजों पर हो रहे हमलों की निंदा की है।
- सऊदी अरब और बहरीन जैसे देश भी इस मुद्दे पर कतर के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।




