Gulf Flight and Safety Update: खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा के लिए सरकार अलर्ट, 24 घंटे चालू रहेगी हेल्पलाइन
भारत सरकार खाड़ी देशों के बदलते हालात पर पैनी नजर रख रही है और वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। विदेश मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी Aseem R Mahajan ने बताया कि एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया गया है जो 24 घंटे काम करेगा। यह कंट्रोल रूम विदेशों में फंसे भारतीयों को हर संभव मदद पहुंचाएगा और राज्य सरकारों के साथ भी तालमेल बनाए रखेगा।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
विदेश मंत्रालय ने भारतीयों की मदद के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। फंसे हुए लोगों, छात्रों और नाविकों के लिए वीज़ा सुविधा और कानूनी मदद दी जा रही है। जिन इलाकों में फ्लाइट्स बंद हैं, वहां सऊदी अरब जैसे देशों के रास्ते ट्रांजिट वीज़ा दिलाकर लोगों को निकाला जा रहा है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी किए हैं ताकि किसी भी इमरजेंसी में संपर्क किया जा सके।
- हेल्पलाइन सुविधा: 24×7 हेल्पलाइन चालू है जिससे शिकायतों का समाधान हो रहा है।
- फ्लाइट्स की स्थिति: UAE और भारत के बीच फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाई गई है।
- छात्रों की सुरक्षा: CBSE और अन्य बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखकर छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
- नाविकों की मदद: शिपिंग मंत्रालय के साथ मिलकर समुद्री रास्ते से आने वाले लोगों को सुरक्षा दी जा रही है।
यात्रा और सुरक्षा से जुड़े कुछ जरूरी आंकड़े
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित अपने देश लौट चुके हैं। फ्लाइट्स पर पाबंदियां हटने के बाद स्थिति में सुधार हुआ है। पिछले कुछ दिनों में हुई प्रगति को नीचे दी गई टेबल से समझा जा सकता है:
| विवरण | कुल संख्या/जानकारी |
|---|---|
| UAE और भारत के बीच कुल फ्लाइट्स | 2,199 |
| अब तक यात्रा करने वाले कुल यात्री | 4,26,000 |
| वापस लौटे प्रवासियों की संख्या | 2,80,000 |
| सुरक्षित वापस आए भारतीय नाविक | 33 |
शांति बनाए रखने के लिए भारत के कूटनीतिक प्रयास
भारत ने साफ किया है कि उसकी प्राथमिकता अपने नागरिकों की भलाई और सुरक्षा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की है ताकि Strait of Hormuz जैसे रास्तों से व्यापार न रुके। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ईरान के राजदूत के साथ मीटिंग की है। भारत का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव को सिर्फ बातचीत और कूटनीति से ही सुलझाया जा सकता है। खाड़ी के अलग-अलग देशों में मौजूद भारतीय मिशन लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।




