ईरान में भारी नागरिक नुकसान पर ICRC प्रमुख ने जताया दुख, हज़ारों घर और स्कूल हुए तबाह
IRNA News Agency की रिपोर्ट के मुताबिक, International Committee of the Red Cross (ICRC) के ईरान प्रमुख Vincent Cassard ने US-Israeli युद्ध में हो रहे भारी नागरिक नुकसान पर गहरा दुख और हैरानी जताई है। 25 मार्च 2026 को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि ईरान में आम लोग इस संघर्ष की बहुत बड़ी कीमत चुका रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि युद्ध के बीच नागरिक बुनियादी ढांचे और मानवीय सहायता कर्मियों की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है।
युद्ध में अब तक हुए नुकसान का मुख्य विवरण
ईरानी अधिकारियों और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस युद्ध में आम जनता और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसका विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण | संख्या / स्थिति |
|---|---|
| मारे गए कुल नागरिक | 1,348 से अधिक |
| घायल नागरिकों की संख्या | 17,000 से अधिक |
| तबाह हुई नागरिक जगहें | 9,669 |
| मृत बच्चों की संख्या | 200 |
| बंद हुए क्लीनिकल केंद्र | 10 |
| क्षतिग्रस्त एम्बुलेंस | 15 |
अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन पर उठ रहे सवाल
ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री Ali Jafarian और UN राजदूत Amir Saeid Iravani ने इन हमलों को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है। उन्होंने कहा कि आवासीय क्षेत्रों, स्कूलों और चिकित्सा सुविधाओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया है। ईरान की तरफ से International Criminal Court (ICC) को 16 पत्र भी भेजे गए हैं जिनमें कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
- Vincent Cassard ने मेडिकल वर्कर्स और फर्स्ट रिस्पॉन्सर्स के सम्मान की अपील की है।
- जेनेवा कन्वेंशन के तहत आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को हमले से बचाना अनिवार्य है।
- International Humanitarian Law (IHL) का हवाला देते हुए मानवीय सहायता पहुंचाने की मांग की गई है।
- Red Crescent की इमारतों और स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जा रही है।




