Israel-Iran War News: इस्राइल ने ईरान पर गिराए 15000 बम, कुवैत और बहरीन में तनाव के बीच अमेरिका भेज रहा है 3000 सैनिक
इस्राइल और अमेरिका की ईरान के साथ चल रही जंग अब और भी गंभीर हो गई है। इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के दौरान अब तक ईरान पर 15,000 से ज़्यादा बम और मिसाइलें गिराई जा चुकी हैं। यह आंकड़ा जून 2025 में हुई 12 दिनों की लड़ाई के मुकाबले चार गुना ज़्यादा है। इस भारी बमबारी से पूरे मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है और अमेरिका ने अब क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाने के लिए 3,000 अतिरिक्त सैनिकों को भेजने का फैसला किया है।
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जंग के ताज़ा हालात और मुख्य जानकारियां
इस युद्ध में अब तक हुए नुकसान और सैन्य गतिविधियों की जानकारी नीचे दी गई है:
- हथियारों का इस्तेमाल: इस्राइली सेना ने ईरान में सैन्य ठिकानों और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों पर 15,000 से ज़्यादा हथियारों का उपयोग किया है।
- अमेरिका की भूमिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को निशाना बनाने के निर्देश दिए हैं।
- ईरान का जवाब: ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
- शांति प्रस्ताव: अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से 15 सूत्री शांति समझौता भेजा था, जिसे ईरान ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह अमेरिका से बात नहीं करेगा।
- सैनिकों की तैनाती: अमेरिका अपने 82वें एयरबोर्न डिवीजन से 3,000 अतिरिक्त सैनिक खाड़ी क्षेत्र में तैनात कर रहा है।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर असर
ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ती इस जंग का सीधा असर खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों पर पड़ रहा है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हाल ही में हुए ड्रोन हमले से वहां आग लग गई थी, जिससे विमानों की आवाजाही पर असर पड़ा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास बढ़ते खतरे को देखते हुए कई शिपिंग और एयरलाइंस कंपनियों ने अपने रास्ते बदल दिए हैं।
सऊदी अरब, यूएई, कतर और बहरीन में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि उड़ानों के मार्ग बदलने से टिकट महंगे हो सकते हैं और सामान की सप्लाई में देरी हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र ने भी परमाणु केंद्रों के पास हो रहे हमलों को लेकर चेतावनी दी है और इसे एक बड़ी आपदा बताया है। फिलहाल ईरान ने सीज़फायर की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में जंग और तेज़ होने की आशंका है।




