UN Council का ईरान पर कड़ा एक्शन, खाड़ी देशों के नुकसान का हर्जाना देने का सुनाया फैसला
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा फैसला सुनाया है। परिषद ने मांग की है कि ईरान उन खाड़ी देशों को मुआवजा दे जिन्हें उसके हमलों की वजह से नुकसान उठाना पड़ा है। 25 मार्च 2026 को हुई एक जरूरी बैठक के दौरान यह प्रस्ताव पास किया गया। इसमें ईरान की सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की गई है और उसे तुरंत अपनी आक्रामकता रोकने की सलाह दी गई है।
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संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव में किन मुख्य बातों का जिक्र है?
परिषद ने खाड़ी देशों और जॉर्डन की तरफ से रखे गए प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए ईरान से हर्जाने की मांग की है। इस प्रस्ताव में कई अहम बिंदुओं पर जोर दिया गया है जो नीचे दिए गए हैं:
- ईरान को आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत बंद करने होंगे।
- Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बंद करने का आदेश दिया गया है।
- हमलों से हुए नागरिक, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण के नुकसान के लिए पैसा देना होगा।
- इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और राज्यों की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन माना गया है।
- मानवाधिकार उच्चायुक्त के अनुसार इन हरकतों को युद्ध अपराध भी माना जा सकता है।
सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का ताजा अपडेट
सऊदी अरब ने ईरान की इन हरकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी है। सऊदी सरकार ने 22 मार्च 2026 को रियाद में तैनात ईरानी मिलिट्री अटैच और उनके सहयोगियों सहित पांच राजनयिकों को देश से बाहर जाने का आदेश दिया था। इन सभी को 24 घंटे के भीतर सऊदी छोड़ने को कहा गया था। सऊदी अरब का कहना है कि ईरान लगातार ऊर्जा केंद्रों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ रहा है। दूसरी ओर ईरान ने भी पलटवार करते हुए UAE से मुआवजे की मांग की है और संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखा है।




