Saudi Arabia New Rules: सऊदी अरब में प्रवासियों के लिए बदले नियम, वर्क परमिट और नौकरी बदलने पर आया बड़ा अपडेट
सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों के लिए बड़ी खबर आई है। सरकार ने वर्क परमिट और नौकरी बदलने के नियमों में अहम बदलाव किए हैं ताकि विदेशी कामगारों को बेहतर माहौल मिल सके। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान की निंदा की है। परिषद ने ईरान से खाड़ी देशों में किए गए हमलों के लिए हर्जाना देने की मांग की है। इन बदलावों का सीधा असर वहां काम कर रहे भारतीय प्रवासियों और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।
सऊदी अरब में वर्क परमिट और नौकरी बदलने के क्या हैं नए नियम?
सऊदी सरकार ने विजन 2030 के तहत श्रम कानूनों में कई सुधार लागू किए हैं। अब कंपनियों को वर्क परमिट खत्म होने से 60 दिन पहले रिन्यूअल के लिए आवेदन करना होगा। अगर किसी का परमिट खत्म हो जाता है, तो उसे नई नौकरी खोजने या नया परमिट लेने के लिए 90 दिनों का ग्रेस पीरियड मिलेगा। इसके अलावा, प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले विदेशियों के लिए अब फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट जरूरी कर दिया गया है।
- कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने पर वर्कर बिना किसी परेशानी के अपनी नौकरी बदल सकेंगे।
- मैनेजर वाली पोस्ट के लिए 90 दिन और अन्य पदों के लिए 60 दिन का नोटिस पीरियड देना होगा।
- अगर कंपनी सैलरी देने में देरी करती है या नियमों का उल्लंघन करती है, तो वर्कर समय से पहले नौकरी छोड़ सकता है।
- सेल्स और मार्केटिंग की नौकरियों में 60% सऊदी नागरिकों को रखना अनिवार्य किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र की ईरान पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) ने 25 मार्च 2026 को खाड़ी देशों और जॉर्डन पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। परिषद ने एक प्रस्ताव पारित कर ईरान से कहा है कि वह इन हमलों में हुए जान-माल और बुनियादी ढांचे के नुकसान की पूरी भरपाई करे। इस प्रस्ताव को सऊदी अरब सहित सभी छह खाड़ी देशों और जॉर्डन के अनुरोध पर लाया गया था।
| महत्वपूर्ण बिंदु | विवरण |
|---|---|
| UNHRC प्रस्ताव की तारीख | 25 मार्च 2026 |
| मुख्य मांग | हमलों के पीड़ितों को पूरा और प्रभावी मुआवजा देना | 100 से अधिक देशों ने समर्थन किया |
| सुरक्षा चिंता | Strait of Hormuz में जहाजों का रास्ता रोकने की कोशिश |
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है ताकि मध्य पूर्व को बड़ी तबाही से बचाया जा सके। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित देशों को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।




