Kuwait Airport Drone Attack: कुवैत एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक पर ड्रोन हमला, कोई जनहानि नहीं, रक्षा मंत्री ने खुद लिया जायजा
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kuwait International Airport) पर 25 और 26 मार्च 2026 के दौरान एक ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले में एयरपोर्ट के एक फ्यूल टैंक को निशाना बनाया गया जिससे वहां आग लग गई। कुवैत के रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सालेम अल-सबाह (Sheikh Abdullah Ali Abdullah Al-Salem Al-Sabah) ने खुद एयरपोर्ट का दौरा किया और वहां के सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है।
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कुवैत एयरपोर्ट पर हुए इस हमले में कितना नुकसान हुआ है?
कुवैत की सिविल एविएशन अथॉरिटी (Civil Aviation Authority) ने आधिकारिक जानकारी दी है कि ड्रोन हमले की वजह से नुकसान केवल संपत्ति का हुआ है। हमले के बाद फ्यूल टैंक में जो आग लगी थी, उस पर तुरंत काबू पा लिया गया। कुवैत के रक्षा मंत्रालय और एयर डिफेंस सिस्टम ने पिछले 24 घंटों में कई हवाई खतरों को नाकाम किया है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था अब पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है ताकि दोबारा ऐसी कोई घटना न हो। रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी तरह से अलर्ट रहें।
एयर डिफेंस सिस्टम और सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम
कुवैती सशस्त्र बलों ने जानकारी साझा की है कि उनकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ने पिछले 24 घंटों में कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया है। कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि एयरपोर्ट का संचालन फिलहाल सामान्य रखने की कोशिश की जा रही है। सुरक्षा स्थिति को समझने के लिए नीचे दिए गए आंकड़ों पर गौर किया जा सकता है:
| विवरण | संख्या / स्थिति |
|---|---|
| हवा में देखे गए ड्रोन | 13 |
| नष्ट किए गए ड्रोन | 10 |
| पकड़ी गई बैलिस्टिक मिसाइलें | 17 |
| नष्ट की गई मिसाइलें | 13 |
| जनहानि या चोट | शून्य (0) |
सिविल एविएशन अथॉरिटी ने तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। जो लोग कुवैत से यात्रा करने वाले हैं या कुवैत आने वाले हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट की वेबसाइट या अपनी एयरलाइन से संपर्क में रहें। रक्षा मंत्री ने अस्पताल का भी दौरा किया और वहां सुरक्षा ड्यूटी में लगे जवानों का मनोबल बढ़ाया। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आसमान से होने वाले किसी भी खतरे से निपटने के लिए सेना पूरी तरह तैयार है।




