Pakistan News: जेनेवा में पाकिस्तान पर सेना के अत्याचारों और युद्ध अपराध का लगा आरोप, बलूचिस्तान में हालात खराब
जेनेवा में एक मानवाधिकार सम्मेलन के दौरान पाकिस्तानी सेना और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ता Arif Aajakia ने बलूचिस्तान, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में सैन्य अत्याचारों की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार वहां जबरन गायब किए जाने और आम लोगों की हत्याओं के मामले बढ़ रहे हैं। यह जानकारी 26 मार्च 2026 को सामने आई है जिसमें पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति और अल्पसंख्यकों पर हो रहे शोषण का जिक्र है।
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और मानवाधिकारों की क्या स्थिति है?
एशियाई मानवाधिकार मंच के कार्यकारी निदेशक Arif Aajakia ने जेनेवा में बताया कि बलूचिस्तान में स्थिति नरसंहार की तरह हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण किया जा रहा है और विरोध करने वालों को सेना दबा रही है। इसके अलावा विश्व परिषद चर्च (WCC) ने पाकिस्तान में ईशनिंदा कानूनों (Blasphemy Laws) के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई है। बताया गया है कि धारा 295C के तहत झूठे केस दर्ज कर धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से ईसाइयों को निशाना बनाया जा रहा है।
आतंकवाद और पड़ोसी देशों के साथ तनाव की मुख्य बातें
पाकिस्तान इस समय कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची में ऊपर आ गया है। अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान का सैन्य संघर्ष भी जारी है, जिसमें सीमा पार हवाई हमले किए जा रहे हैं। अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने भी अपनी 2025 की रिपोर्ट में पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे भेदभाव और हिंसा को लेकर सरकार की आलोचना की है।
महत्वपूर्ण आंकड़े और रिपोर्ट्स की जानकारी
| विषय | विवरण |
|---|---|
| मुख्य आरोप | युद्ध अपराध और न्यायेतर हत्याएं |
| प्रभावित इलाके | बलूचिस्तान, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा |
| ईशनिंदा कानून का असर | 1994-2025 के बीच 104 लोगों की हत्या का दावा |
| सैन्य ऑपरेशन | ISPR ने 34 आतंकवादियों को मारने का दावा किया |
| अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट | WCC और USCIRF द्वारा मानवाधिकार हनन पर चिंता |
| ताज़ा संघर्ष | पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य गोलाबारी |




