UN Resolution on Iran: ईरानी हमले पर UN का कड़ा रुख, मुस्लिम वर्ल्ड लीग और खाड़ी देशों ने किया फैसले का स्वागत
मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) द्वारा पारित उस प्रस्ताव का स्वागत किया है जो ईरान के हमलों की निंदा करता है। यह प्रस्ताव 25 मार्च 2026 को एक विशेष चर्चा के बाद स्वीकार किया गया था। इस प्रस्ताव को दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का समर्थन मिला है। खाड़ी देशों और जॉर्डन की मांग पर बुलाई गई इस बैठक में ईरान की हरकतों को मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया है।
इस प्रस्ताव में ईरान के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
संयुक्त राष्ट्र के इस प्रस्ताव को बिना किसी विरोध के आम सहमति से पास किया गया है। इसमें ईरान से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने और हिंसा रोकने की अपील की गई है।
- ईरान को अपने सभी हमले और आक्रामक गतिविधियां तुरंत बंद करने को कहा गया है।
- हमलों से प्रभावित हुए लोगों को उचित और जल्द मुआवजा देने की मांग की गई है।
- ईरान को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और मानवाधिकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया गया है।
- ब्रिटेन ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है और कहा है कि ईरान की हरकतें वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरे में डाल रही हैं।
खाड़ी देशों और प्रमुख अधिकारियों ने क्या कहा?
मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव डॉ. मोहम्मद अल-इसा ने इस फैसले को न्यायपूर्ण बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस हिंसा की वजह से बड़ी संख्या में लोग मानवाधिकारों के उल्लंघन का सामना कर रहे हैं।
- GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अल बुदैवी ने कहा कि यह प्रस्ताव ईरान के हमलों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नाराजगी को साफ तौर पर बयां करता है।
- UAE के प्रतिनिधि ने ईरान की हरकतों को एक व्यवस्थित पैटर्न बताया जो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की नींव को कमजोर करता है।
- कुवैत के राजदूत नासिर अब्दुल्ला के अनुसार ईरान की हरकतें संप्रभुता का उल्लंघन हैं और अब इस पर चुप रहना स्वीकार्य नहीं है।
- वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने रिपोर्ट दी है कि इन हमलों और तनाव के कारण दुनिया में करीब 4.5 करोड़ अतिरिक्त लोग भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं।




