Strait of Hormuz में जहाजों से 20 लाख डॉलर वसूल रहा ईरान, अमेरिका ने दी हमले की चेतावनी
Gulf Cooperation Council (GCC) के महासचिव जसीम अल-बुदैवी ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रियाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षित रास्ता देने के बदले मोटी फीस वसूल रहा है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र के रास्ते पर इस तरह का टैक्स वसूलना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का सीधा उल्लंघन है।
ईरान क्यों वसूल रहा है जहाजों से पैसा?
ईरान के सांसदों और अधिकारियों ने इस वसूली को सही ठहराया है। ईरान का कहना है कि युद्ध की स्थिति में खर्च बढ़ गया है, जिसे पूरा करने के लिए जहाजों से ट्रांजिट फीस लेना उनकी मजबूरी है। ईरान ने इसे अपनी ताकत और अधिकार दिखाने का एक तरीका बताया है।
- ईरान कुछ जहाजों से एक बार गुजरने के लिए 20 लाख डॉलर (करीब 16 करोड़ रुपये) तक मांग रहा है।
- ईरान की संसद अब इस फीस को कानूनी रूप देने के लिए एक बिल तैयार कर रही है।
- दुनिया का लगभग 20 से 25 प्रतिशत तेल और गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
- भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों को ईरान ने फिलहाल छूट दी है।
अमेरिका की 48 घंटे की चेतावनी और प्रभाव
इस मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का समय दिया है कि वह Strait of Hormuz को पूरी तरह और बिना किसी खतरे के जहाजों के लिए खोल दे। अगर ईरान ऐसा नहीं करता है, तो अमेरिका उसके बिजली और ऊर्जा ढांचे पर हमला कर सकता है।
| देश का नाम | ईरान का रुख |
|---|---|
| भारत, चीन, रूस | रास्ता खुला रखने की इजाजत दी गई है |
| अन्य देश | 20 लाख डॉलर तक की फीस मांगी जा रही है |
| अमेरिका | सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी गई है |
सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इस रास्ते के बंद होने या टैक्स लगने से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और खासतौर पर तेल क्षेत्र में काम करने वाले भारतीयों पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है।




