UAE पर ईरान का हमला, अबू धाबी में मिसाइल मलबे से भारतीय समेत 2 की मौत, अब तक 11 की गई जान
यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) की एयर डिफेंस ने 26 मार्च 2026 को ईरान की ओर से दागी गई 15 बैलिस्टिक मिसाइलों और 11 ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। इस घटना के दौरान अबू धाबी की स्वीहन स्ट्रीट (Sweihan Street) पर मिसाइल का मलबा गिरने से एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई। 28 फरवरी से शुरू हुई इस क्षेत्रीय लड़ाई में अब तक यूएई में कुल 11 लोगों की जान जा चुकी है और 169 लोग घायल हुए हैं। यह हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई कार्रवाई के बाद से जारी हैं।
अबू धाबी में हुए नुकसान और हताहतों की जानकारी
UAE के रक्षा मंत्रालय और अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने पुष्टि की है कि एयर डिफेंस सिस्टम ने खतरों को आबादी वाले इलाकों से दूर ही रोक दिया था। हालांकि, अबू धाबी की स्वीहन स्ट्रीट पर गिरे मलबे के कारण कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा और दो लोगों की जान चली गई। घायल होने वालों में एक भारतीय, एक जॉर्डन का नागरिक और एक अमीराती शख्स शामिल है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं और मलबे से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए काम कर रही हैं।
अब तक हुए हमलों और नुकसान का पूरा डेटा
28 फरवरी 2026 से चल रहे इन हमलों में अब तक कई देशों के नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। यूएई रक्षा मंत्रालय ने अब तक के कुल आंकड़ों को साझा किया है जो इस प्रकार हैं:
| विवरण | कुल संख्या |
|---|---|
| रोकी गई बैलिस्टिक मिसाइलें | 372 |
| रोके गए ड्रोन (UAVs) | 1826 |
| अब तक हुई कुल मौतें | 11 |
| कुल घायल लोग | 169 |
| मारे गए लोगों की राष्ट्रीयता | भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, मोरक्को, फिलिस्तीन |
खाड़ी देशों की एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- UAE, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, कतर और जॉर्डन ने साझा बयान जारी कर ईरान के इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
- सऊदी अरब ने अपने पूर्वी तेल क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले ड्रोनों को मार गिराने की जानकारी दी है।
- बहरीन के मुहर्रक इलाके में भी हमले के कारण आग लगने की घटना सामने आई है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का हवाला देते हुए खाड़ी देशों ने ईरान से तुरंत हमले रोकने की मांग की है।
- इन छह देशों ने इराक सरकार से भी उन गुटों पर लगाम लगाने को कहा है जो इराकी जमीन का इस्तेमाल इन हमलों के लिए कर रहे हैं।
- सभी देशों ने आत्मरक्षा के अधिकार के तहत अपनी सुरक्षा करने की बात दोहराई है।




