भारतीय सेना खरीदेगी 800 किमी रेंज वाली ब्रह्मोस मिसाइल, रक्षा मंत्रालय जल्द देगा मंजूरी
भारतीय सेना अपनी मारक क्षमता को और मजबूत करने के लिए 800 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों का एक बड़ा ऑर्डर देने की तैयारी कर रही है। पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और मिसाइल की पिछली सफलताओं को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय एक उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव को अगले कुछ दिनों में मंजूरी दे सकता है। वर्तमान में सेना के पास 450 किलोमीटर तक मार करने वाली BrahMos मिसाइलें मौजूद हैं।
नए ब्रह्मोस मिसाइल ऑर्डर से जुड़ी मुख्य बातें क्या हैं?
इस रक्षा सौदे के तहत करीब 250 मिसाइलें खरीदी जा सकती हैं, जिसकी अनुमानित लागत 2.4 अरब डॉलर के आसपास हो सकती है। इन मिसाइलों को विशेष रूप से रेगिस्तानी इलाकों और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। Defence Acquisition Council (DAC) ने पहले ही इस प्रस्ताव को अपनी हरी झंडी दे दी है और अब कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से अंतिम अनुमति का इंतजार है। यह अपग्रेड भारतीय सेना और वायु सेना दोनों के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
मिसाइलों की डिलीवरी और टेस्टिंग का क्या शेड्यूल है?
| विवरण | संभावित समय और जानकारी |
|---|---|
| नई रेंज की मिसाइल की टेस्टिंग | जारी है (इंजन और नेविगेशन पर काम चल रहा है) |
| सेना में शामिल होने की शुरुआत | 2027 के अंत तक लक्ष्य रखा गया है |
| हवा से मार करने वाला वेरिएंट (BrahMos-A) | 2026 के अंत तक टेस्टिंग पूरी होने की उम्मीद है |
| वायु सेना को डिलीवरी | 2030 से पहले शुरू होने की संभावना है |
मिसाइल के इंजन में जरूरी बदलाव किए जा चुके हैं और अब इसके नेविगेशन सिस्टम को और अधिक सटीक बनाने पर काम चल रहा है ताकि दुश्मन इसे जैम न कर सके। इस अपग्रेड के बाद भारत की लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। BrahMos Aerospace जो कि भारत और रूस का एक संयुक्त उद्यम है, इन मिसाइलों के निर्माण और विकास की जिम्मेदारी संभाल रहा है।




