इराकी विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान, खाड़ी देशों और जॉर्डन की सुरक्षा को बताया अपनी प्राथमिकता, हमलों को किया खारिज
इराक के विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों और जॉर्डन के साझा बयान पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। इराक सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि वह खाड़ी देशों या जॉर्डन के खिलाफ किसी भी तरह के हमले या उन्हें निशाना बनाए जाने को पूरी तरह से खारिज करती है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि इन अरब देशों की सुरक्षा इराक की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है और पूरे क्षेत्र की स्थिरता में ही सबका भला है। इराक अपनी विदेश नीति में संतुलन बनाए रखने और पड़ोसियों के साथ सहयोग और सम्मान के रिश्ते रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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इराक ने अपनी विदेश नीति और सुरक्षा पर क्या सफाई दी?
इराक सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ हमले के लिए नहीं होने देगी। प्रधानमंत्री Mohammed Shia al-Sudani ने ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के दौरान भी यह बात दोहराई है कि इराक को किसी हमले का आधार नहीं बनने दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, सरकार संविधान और कानून के दायरे में रहकर सभी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। इराक का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव कम करना और शांति को बढ़ावा देना है ताकि किसी भी तरह के बड़े टकराव से बचा जा सके।
खाड़ी देशों और जॉर्डन ने अपनी चिंता में क्या कहा था?
25 मार्च 2026 को सऊदी अरब, UAE, कुवैत, बहरीन, कतर और जॉर्डन ने एक साझा बयान जारी किया था जिसमें सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई गई थी। इस बयान के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों द्वारा इराकी क्षेत्र से किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की गई।
- इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सीधा उल्लंघन बताया गया।
- इराक सरकार से इन हमलों को तुरंत रोकने के लिए ठोस कार्रवाई करने की मांग की गई।
- सभी देशों ने आत्मरक्षा के अपने अधिकार और सुरक्षा हितों की रक्षा की बात कही।
इराक में हालिया सुरक्षा घटनाक्रम और नए अपडेट
इराक ने हबानिया (Habbaniyah) बेस पर हुए घातक हवाई हमले के विरोध में अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स (chargé d’affaires) को तलब करने का फैसला किया है। इस हमले में इराक के सात सैनिकों की मौत हुई और कई घायल हुए हैं। इसके साथ ही, ‘सराया औलिया अल-दम’ नामक समूह ने बयान दिया है कि उनका लक्ष्य केवल खाड़ी देशों और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकाने हैं। इराक की सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं ताकि बाहरी और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया जा सके और पड़ोसी देशों के साथ भाईचारे वाले संबंध बने रहें।



