Saudi Arabia का बड़ा फैसला, अब पड़ोसी देशों के खाली ट्रक भी घुस सकेंगे, सामान ले जाना हुआ आसान
सऊदी अरब ने व्यापार और सामान की आवाजाही को आसान बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब खाड़ी (GCC) के सभी देशों से आने वाले खाली ट्रक और रेफ्रिजेरेटेड कंटेनर सऊदी अरब की सीमा में प्रवेश कर सकेंगे। ये ट्रक यहाँ से सामान भरकर दूसरे खाड़ी देशों तक पहुँचा पाएंगे। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सामान की सप्लाई चेन को मजबूत करना और ट्रांसपोर्ट के खर्च को कम करना है।
सऊदी अरब के नए ट्रांसपोर्ट नियमों के मुख्य बिंदु क्या हैं?
- सऊदी अरब ने 26 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर खाड़ी देशों के ट्रकों को खाली प्रवेश की अनुमति दी है।
- इससे पहले 12 मार्च को ट्रांजिट सर्विस शुरू की गई थी जिससे जमीन, समुद्र और हवा के जरिए सामान भेजा जा सके।
- खाड़ी देशों के बीच ‘ग्रीन कॉरिडोर’ यानी ग्रीन लेन एक्टिव की गई हैं ताकि जरूरी सामान बॉर्डर पर न फंसे।
- सऊदी रेलवे ने दम्माम और जुबैल के बंदरगाहों को जॉर्डन से जोड़ने के लिए नया रेल रास्ता शुरू किया है।
लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए कौन सी योजनाएं लागू हुईं?
| योजना का नाम | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|
| लॉजिस्टिक्स ट्रैक प्रोग्राम | जेद्दा पोर्ट और लाल सागर के बंदरगाहों तक माल पहुँचाने के नए रास्ते बनाना। |
| इंटरनेशनल रेल कॉरिडोर | हजारों ट्रकों का बोझ कम करना और रेल के जरिए सीधा सामान जॉर्डन भेजना। |
| ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था | बॉर्डर पर इंतज़ार कम करना और कीमतों को काबू में रखना। |
इन बदलावों से उन व्यापारियों और प्रवासियों को सीधा फायदा होगा जो सऊदी और पड़ोसी देशों के बीच सामान भेजने का काम करते हैं। ट्रांसपोर्ट का समय कम होने से बाजार में फलों, सब्जियों और अन्य जरूरी चीजों की उपलब्धता बढ़ेगी और दाम भी स्थिर रहेंगे। यह कदम विजन 2030 के तहत सऊदी को दुनिया का बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में एक बड़ा पड़ाव है।




