Kuwait Airport पर ड्रोन हमले के बाद फ्यूल टैंक में लगी आग, गृह मंत्री ने लिया हालात का जायजा
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार को एक ड्रोन हमला हुआ जिसके कारण वहां मौजूद एक फ्यूल टैंक में आग लग गई। इस घटना के बाद गुरुवार को कुवैत के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री Sheikh Fahad Yousef Saud Al-Sabah ने खुद एयरपोर्ट जाकर स्थिति का जायजा लिया। राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है और नुकसान केवल संपत्ति तक ही सीमित रहा है।
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कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले की मुख्य जानकारी क्या है?
इस घटना से जुड़े मुख्य तथ्य नीचे दिए गए हैं जो यात्रियों और प्रवासियों के लिए जानना जरूरी है:
- यह हमला बुधवार 25 मार्च 2026 को एक ड्रोन के जरिए किया गया था।
- हमले का निशाना एयरपोर्ट के फ्यूल स्टोरेज टैंक को बनाया गया था।
- Kuwait Fire Force और सेना की टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया।
- नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने पुष्टि की है कि इससे कोई जनहानि नहीं हुई है।
- कुवैत की तेल कंपनी और नेशनल गार्ड की टीमों ने भी आग बुझाने में मदद की।
सरकार ने इस घटना के बाद क्या कड़े कदम उठाए हैं?
कुवैत सरकार ने इस हमले को गंभीरता से लेते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं। विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब किया है और अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कुवैत ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इसके साथ ही कुवैत, सऊदी अरब, यूएई और अन्य खाड़ी देशों ने मिलकर एक साझा बयान जारी किया है जिसमें इस तरह के हमलों की निंदा की गई है।
सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है जो देश में माहौल बिगाड़ने की योजना बना रहा था। एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है। जो लोग कुवैत से यात्रा करने वाले हैं या भारत से कुवैत आने वाले हैं, उनके लिए फिलहाल राहत की खबर यह है कि एयरपोर्ट का संचालन सामान्य रूप से जारी रखने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल की फिर से समीक्षा की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।




