ईरान में परमाणु प्लांट के पास मिसाइल हमले, IAEA चीफ ने कहा- रेड लाइन पार हुई तो होगी भारी तबाही
ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट (Bushehr Nuclear Power Plant) के पास हुए सैन्य हमलों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने चेतावनी दी है कि अगर इस प्लांट को नुकसान पहुँचता है, तो एक बड़ा रेडियोलॉजिकल हादसा हो सकता है। यह प्लांट अभी चालू हालत में है और यहाँ बड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी पदार्थ मौजूद है, जिसका असर ईरान के साथ-साथ पड़ोसी देशों पर भी पड़ सकता है।
हमलों की पूरी जानकारी और अब तक क्या हुआ?
मार्च 2026 के दौरान ईरान के इस परमाणु केंद्र के पास कई बार हमले की खबरें आई हैं। ईरान की सरकार ने IAEA को इन हमलों के बारे में आधिकारिक जानकारी दी है। हमलों का सिलसिला पिछले कुछ हफ्तों से जारी है, जिससे परमाणु सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया है।
- 17 मार्च 2026: रिएक्टर से करीब 350 मीटर की दूरी पर एक हमला हुआ, जिससे वहां बना एक ढांचा पूरी तरह नष्ट हो गया।
- 24 मार्च 2026: एक मिसाइल सीधे परमाणु प्लांट के परिसर के भीतर आकर गिरी।
- 25 मार्च 2026: प्लांट के पास फिर से मिसाइल गिरने की घटना हुई, जो एक हफ्ते में दूसरी ऐसी घटना थी।
- ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक मुख्य रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं हुआ है और रेडिएशन का स्तर भी सामान्य बना हुआ है।
IAEA और रूस ने जताई गहरी चिंता
IAEA चीफ राफेल ग्रॉसी ने इन हमलों को लेकर गहरा दुख जताया है और कहा है कि परमाणु केंद्र पर हमला करना सुरक्षा के सात बुनियादी नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि चालू परमाणु रिएक्टर पर हमला करना सबसे खतरनाक है और यह सुरक्षा की आखिरी सीमा को पार करने जैसा है। रूस ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत बताया है। रूसी कंपनी Rosatom ने सावधानी बरतते हुए प्लांट के निर्माण कार्य में लगे अपने कुछ कर्मचारियों को वहां से हटाना शुरू कर दिया है।
अगले कुछ दिनों तक टला खतरा
| महत्वपूर्ण अपडेट | विवरण |
|---|---|
| IAEA की मांग | सैन्य बलों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की गई है। |
| अमेरिका का रुख | राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऊर्जा केंद्रों पर हमलों पर 6 अप्रैल 2026 तक रोक लगाई है। |
| ईरान का बयान | शांतिपूर्ण परमाणु केंद्रों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। |
| रूस का कदम | बुशहर यूनिट 2 और 3 के निर्माण स्थल से कर्मचारियों की तीसरी निकासी की तैयारी। |
फिलहाल कूटनीतिक बातचीत के चलते हमलों पर कुछ दिनों की रोक लगी है, लेकिन परमाणु सुरक्षा को लेकर दुनिया भर के विशेषज्ञ अभी भी डरे हुए हैं।




