फ्रांस में मिले भारत और सऊदी के विदेश मंत्री, द्विपक्षीय संबंधों और ग्लोबल चुनौतियों पर हुई खास बातचीत
फ्रांस में आयोजित G7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस Faisal bin Farhan और भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar के बीच अहम मुलाकात हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे जरूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यह मीटिंग 26 और 27 मार्च 2026 को पेरिस के पास Vaux-de-Cernay में आयोजित की गई थी, जिसमें भारत और सऊदी अरब को विशेष अतिथि के तौर पर शामिल किया गया था।
🚨: UAE Flight Update: खाड़ी देशों से भारत के लिए उड़ानों पर बड़ा संकट, किराया बढ़ा और कई फ्लाइट्स रद्द।
G7 मीटिंग के दौरान किन मुख्य मुद्दों पर फोकस रहा?
फ्रांस की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में भारत और सऊदी अरब सहित कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं को खास तौर पर आमंत्रित किया गया था। चर्चा का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया का संकट और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा रहा। दोनों देशों के बीच सप्लाई चेन को बेहतर बनाने और वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति बनी। मंत्रियों ने Strait of Hormuz को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खुला रखने की जरूरत पर भी जोर दिया ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। इसके साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूक्रेन के हालातों पर भी बात की गई।
भारत और सऊदी अरब की मुलाकात से जुड़ी अहम बातें
सऊदी अरब और भारत के बीच हुई इस द्विपक्षीय बातचीत में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया गया। भारत के लिए सऊदी अरब एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार है, और ऐसी बैठकों से खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों के हितों और सुरक्षा पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। बैठक की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- सऊदी विदेश मंत्री ने भारत के अलावा ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और कनाडा के प्रतिनिधियों से भी अलग से मुलाकात की।
- दोनों मंत्रियों ने वैश्विक गवर्नेंस में सुधार और समुद्री सुरक्षा को लेकर नई रणनीतियों पर विचार साझा किए।
- आम नागरिकों की सुरक्षा और युद्ध क्षेत्रों में तनाव कम करने के तरीकों पर आपसी समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई।
- भारत और सऊदी अरब ने आर्थिक सहयोग और भविष्य की व्यापारिक योजनाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई।
- बैठक में सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने पर भी बात हुई।




