ईरान का बड़ा फैसला: अमेरिकी और इजरायली कंपनियों को तुरंत काम छोड़ने का आदेश, IRGC ने दी चेतावनी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों के बाद IRGC ने अमेरिका और इजरायल से जुड़ी औद्योगिक कंपनियों के कर्मचारियों को तुरंत अपनी जगह छोड़ने को कहा है। यह चेतावनी उन कंपनियों के लिए है जिनके शेयर अमेरिकी हैं या जो इजरायली शासन के साथ मिलकर काम करती हैं। ईरान ने साफ किया है कि यह कदम लोगों की जान बचाने के लिए उठाया जा रहा है क्योंकि अब जवाबी कार्रवाई शुरू हो गई है।
किन इलाकों और कंपनियों के लिए जारी हुआ है यह आदेश?
ईरान के सरकारी मीडिया और IRGC के मुताबिक, यह आदेश उन सभी भारी उद्योगों पर लागू होता है जिनका संबंध अमेरिका या इजरायल से है। ईरान ने साफ कहा है कि जो लोग इन उद्योगों के पास रहते हैं, उन्हें अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए कुछ विशेष निर्देश भी दिए गए हैं।
- ऐसी कंपनियों के कर्मचारियों को अपनी वर्कप्लेस तुरंत खाली करने को कहा गया है।
- औद्योगिक क्षेत्रों के एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को भी घर छोड़ने की सलाह दी गई है।
- अराकान (Ardakan) और अराक (Arak) जैसे इलाकों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
- ईरानी मीडिया के अनुसार, यह चेतावनी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक सैन्य ऑपरेशन खत्म नहीं हो जाता।
किन परमाणु और औद्योगिक ठिकानों को बनाया गया निशाना?
ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था ने पुष्टि की है कि हालिया हवाई हमलों में देश के महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि परमाणु ठिकानों से किसी तरह के रेडिएशन या रिसाव का खतरा नहीं है। हमले की जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है।
| प्रभावित ठिकाना | स्थान | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| Shahid Khondab Heavy Water Complex | Arak | हमला हुआ, कोई रेडिएशन नहीं |
| Yellowcake Production Plant | Ardakan | निशाना बनाया गया, कोई जनहानि नहीं |
| Mobarakeh Steel Factory | Isfahan Region | एक व्यक्ति की मौत की खबर |
| Khuzestan Steel Plant | Khuzestan | हवाई हमले की रिपोर्ट |
इजरायल की सेना ने भी अराक शहर के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के निवासियों के लिए निकासी की चेतावनी जारी की है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी 6 अप्रैल तक का समय देते हुए कहा है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो ऊर्जा संयंत्रों पर कार्रवाई की जा सकती है। G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने भी इन नागरिक ठिकानों पर हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है।




