Saudi Arabia Travel Advisory: सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को तुरंत लेबनान छोड़ने का दिया आदेश, जारी हुई नई चेतावनी
सऊदी अरब ने शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को लेबनान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक बहुत जरूरी सूचना जारी की है। सऊदी दूतावास ने वहां रह रहे सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मौजूदा हालातों को देखते हुए तुरंत लेबनान छोड़ दें। क्षेत्रीय तनाव और बिगड़ते सुरक्षा हालातों के बीच यह फैसला लिया गया है। दूतावास ने नागरिकों को याद दिलाया है कि लेबनान की यात्रा पर पहले से ही पाबंदी लगी हुई है और इसका पालन करना जरूरी है।
सऊदी दूतावास ने नागरिकों के लिए क्या निर्देश जारी किए हैं?
Beirut में स्थित Saudi Arabia के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी साझा की है। सरकार ने साफ कहा है कि लेबनान में जो भी सऊदी नागरिक मौजूद हैं, वे वहां से फौरन निकल जाएं। दूतावास ने किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को तुरंत संपर्क करने की सलाह दी है।
- नागरिकों को यात्रा प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
- इमरजेंसी के लिए दूतावास का हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
- मौजूदा क्षेत्रीय तनाव और युद्ध के असर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
- सऊदी नागरिकों को फिलहाल वहां की यात्रा करने से साफ मना किया गया है।
लेबनान में क्यों बिगड़ रहे हैं हालात?
Israel और Hezbollah के बीच जारी जंग ने Lebanon में भारी तबाही मचा रखी है। संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है कि अगर इजरायल का हमला जारी रहा तो वहां मानवीय संकट पैदा हो सकता है। हालात इतने खराब हैं कि हजारों लोग अपना घर छोड़ चुके हैं और कई इलाकों में बिजली-पानी की भारी किल्लत हो गई है।
| मुख्य जानकारी | प्रभाव का विवरण |
|---|---|
| विस्थापित बच्चे | 3,70,000 से ज्यादा बच्चे बेघर हुए |
| मकानों का नुकसान | 45,000 रिहायशी मकान पूरी तरह या कुछ हद तक तबाह |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | कई शहरों में 70% तक बुनियादी ढांचा बर्बाद |
| सैन्य स्थिति | इजरायली सेना लिटानी नदी की तरफ बढ़ रही है |
Lebanon के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से को अपने नियंत्रण में लेने की योजना बनाई है। इसके अलावा UNICEF की रिपोर्ट के मुताबिक इस संघर्ष में अब तक 121 बच्चों की जान जा चुकी है। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए सऊदी अरब ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है।




