रूस के मुख्य तेल हब पर यूक्रेन का जोरदार ड्रोन हमला, आसमान में दिखा धुएं का गुबार, तेल निर्यात को बड़ा झटका
यूक्रेन ने रूस के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र उस्त-लूगा (Ust-Luga) पोर्ट पर जोरदार हमला बोला है। ड्रोन के जरिए किए गए इस हमले के बाद वहां भीषण आग लग गई और चारों तरफ काला धुआं फैल गया। सैटेलाइट तस्वीरों से पुष्टि हुई है कि इस हमले में तेल लोडिंग टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे रूस के तेल व्यापार पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। यूक्रेन की सेना ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे एक बड़ी कामयाबी बताया है।
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हमले में क्या-क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?
यूक्रेन ने 24 मार्च से 27 मार्च के बीच इस पोर्ट पर लगातार दो बार हमले किए। रूसी अधिकारियों के अनुसार, लेनिंग्राड क्षेत्र में 56 ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन कुछ ड्रोन अपने निशाने तक पहुँचने में सफल रहे। सैटेलाइट से मिली नई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि तेल भरने वाला एक बर्थ पूरी तरह जल गया है और दूसरे को भी काफी नुकसान हुआ है। नीचे दी गई टेबल में हमले से हुए नुकसान की जानकारी दी गई है:
| नुकसान का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| तेल लोडिंग बर्थ | एक पूरी तरह बर्बाद और दूसरा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त |
| स्टोरेज टैंक | पांच ईंधन भंडारण टैंकों में आग लगी |
| जहाज | यूनान और अन्य देशों के तीन टैंकरों के प्रभावित होने की खबर |
| अन्य मशीनरी | पंपिंग स्टेशन और बिजली सबस्टेशन को भी नुकसान पहुंचा |
रूस के तेल व्यापार पर इस हमले का क्या असर पड़ेगा?
उस्त-लूगा पोर्ट रूस के लिए तेल और गैस निर्यात करने का सबसे बड़ा रास्ता है। जानकारों का कहना है कि इस हमले के बाद रूस की पश्चिमी तेल निर्यात क्षमता में 40 प्रतिशत की कमी आ सकती है। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) का कहना है कि अब रूस का कोई भी हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा है और वे उसकी आर्थिक ताकत को कमजोर करने के लिए ऐसे हमले जारी रखेंगे। वहीं रूस की तेल कंपनियों ने अब अपने शिपमेंट को लेकर चिंता जताई है और वे मजबूरी में काम रोकने पर विचार कर रही हैं।
रूस की तरफ से क्या आधिकारिक बयान आया है?
लेनिंग्राड के गवर्नर एलेक्जेंडर ड्रोज़डेंको ने हमले के बाद बताया कि वहां लगी आग को बुझाने के लिए टीमें तैनात कर दी गई थीं और किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उन्होंने देश के 13 अलग-अलग इलाकों में कुल 389 यूक्रेनी ड्रोन गिराए हैं। हालांकि, यूक्रेन ने साफ कर दिया है कि यह हमला उनकी स्पेशल फोर्सेज और खुफिया एजेंसी का एक साझा मिशन था। बंदरगाह पर काम कर रहे मजदूरों के रहने की जगह और कैफेटेरिया को भी इस हमले के कारण नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।




