Iran Foreign Minister News: ईरान का बड़ा ऐलान, अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाएगा कड़े कदम, अमेरिका और इज़राइल को दी चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने साफ कर दिया है कि ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह गंभीर है। 28 मार्च 2026 को अलग-अलग देशों के नेताओं से फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और साफ किया है कि अपनी रक्षा के लिए ईरान सभी जरूरी कदम उठाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
किन अहम मुद्दों पर हुई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा?
विदेश मंत्री Araghchi ने रूस के विदेश मंत्री Sergei Lavrov और मलेशियाई विदेश मंत्री के साथ विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि ईरान की नागरिक सुविधाओं जैसे स्कूल और अस्पतालों को निशाना बनाया जा रहा है। रूस के साथ बातचीत में उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अडिग है। मलेशिया के विदेश मंत्री से बात करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी पड़ोसी देश के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हुआ, तो ईरान के पास जवाबी रक्षात्मक कदम उठाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। यह खबर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी अहम है क्योंकि इससे क्षेत्र की सुरक्षा और शांति पर सीधा असर पड़ता है।
Strait of Hormuz और समुद्री रास्तों को लेकर ईरान का नया रुख
ईरान ने साफ किया है कि Strait of Hormuz में सुरक्षा की कमी के लिए वाशिंगटन और तेल अवीव की नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) को भी स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी समुद्री सीमा की रक्षा के लिए कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे।
| विषय | ईरान की स्थिति |
|---|---|
| Strait of Hormuz | हमलावर देशों के लिए रास्ता बंद रहेगा |
| आम व्यापारिक जहाज़ | ईरान से तालमेल बैठाकर गुज़र सकेंगे |
| अमेरिकी और इज़राइली जहाज़ | सुरक्षित मार्ग की अनुमति नहीं मिलेगी |
विदेश मंत्री ने बताया कि Strait of Hormuz पूरी तरह से बंद नहीं है, लेकिन जो देश ईरान के खिलाफ आक्रामकता में शामिल हैं, उनके जहाजों को यहां से गुजरने का कानूनी हक नहीं दिया जाएगा। अन्य देशों के जहाज ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल करके अपना रास्ता तय कर सकते हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समुद्री रास्ते से तेल और अन्य सामान का बड़े पैमाने पर व्यापार होता है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres को भी अपनी इन चिंताओं से अवगत कराया है।




