ईरान युद्ध के बीच जेद्दा बंदरगाह पर विशाल शिपमेंट, खाड़ी देशों को मिलेगी राहत
28 मार्च, 2026 को “अख़बार सऊदी” (@SaudiNews50) ने घोषणा की कि ईरान युद्ध के माहौल के बीच जेद्दा बंदरगाह पर बड़ी संख्या में शिपमेंट पहुंचे हैं. इन शिपमेंट को खाड़ी के अन्य देशों तक पहुंचाया जाएगा. यह कदम सऊदी अरब द्वारा क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर रखने के लगातार प्रयासों का हिस्सा है, ताकि मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद व्यापार सुचारू रूप से चलता रहे.
सऊदी अरब की नई लॉजिस्टिक्स पहलें क्या हैं?
26 मार्च, 2026 को सऊदी अरब ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों के बीच बेहतर तालमेल और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता के लिए कई बड़े फैसले लिए. इन फैसलों में शामिल हैं:
- GCC देशों से आने वाले सामान पर 60 दिनों तक कोई भंडारण शुल्क नहीं लगेगा.
- सभी GCC देशों से खाली रेफ्रिजरेटेड ट्रकों को सऊदी अरब में अपने देशों के लिए सामान लोड करने की अनुमति मिलेगी.
- GCC ट्रकों के सऊदी अरब में प्रवेश के लिए परिचालन आयु सीमा 22 साल तक बढ़ा दी गई है.
- दम्माम के King Abdulaziz Port पर “Gulf Storage and Redistribution Zones” की शुरुआत की गई है, जिससे प्रत्येक सदस्य देश के लिए कंटेनर प्रबंधन आसान होगा.
- खाड़ी और पूर्वी बंदरगाहों से Jeddah Islamic Port और लाल सागर के अन्य बंदरगाहों तक माल को भेजने के लिए नए मार्ग भी सक्रिय किए गए हैं.
- शारजाह, दम्माम और Umm Qasr के बंदरगाहों को बहरीन से जोड़ने वाली चार नई शिपिंग लाइनें भी शुरू की गईं.
- Saudi Railways ने खाड़ी बंदरगाहों को फ्रेट ट्रेनों के ज़रिए Al Haditha क्रॉसिंग से जोड़ने वाला एक अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर भी शुरू किया है.
ईरान युद्ध से समुद्री व्यापार पर क्या असर पड़ा?
2026 का ईरान युद्ध, जिसमें ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बढ़ा है, ने वैश्विक व्यापार और शिपिंग को बहुत प्रभावित किया है. 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर सैन्य हमलों के बाद, ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर जवाबी हमले किए थे.
इस संघर्ष के कारण Strait of Hormuz लगभग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे खाड़ी बंदरगाहों के लिए जाने वाले 60 से अधिक जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा. ऐसे में Jeddah Port और लाल सागर के अन्य सऊदी बंदरगाह खाड़ी देशों के लिए आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण और सुरक्षित विकल्प बनकर उभरे हैं.




