सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान का मिसाइल हमला, कई सैनिक घायल
सऊदी अरब में अमेरिकी सेना के एक अहम ठिकाने पर ईरान ने हमला किया है. इस हमले में कम से कम 10 से 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और कुछ विमानों को भी नुकसान पहुँचा है. यह घटना 27 मार्च, 2026 को Prince Sultan Air Base पर हुई, जिसकी खबरें 28 मार्च को सामने आईं. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब इज़रायल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू हुआ संघर्ष अब दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है.
अमेरिकी बेस पर ईरान का मिसाइल हमला
27 मार्च, 2026 को ईरान ने Prince Sultan Air Base पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में 10 से 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए, जिनमें से दो से पाँच सैनिकों को गंभीर चोटें आईं. हमले में कई अमेरिकी ईंधन भरने वाले विमानों और एक E-3 Sentry AWACS कमांड और कंट्रोल विमान को भी नुकसान हुआ. कुछ तस्वीरों में E-3 विमान को काफी नुकसान होने की बात कही गई है.
ईरान की चेतावनी और क्षेत्रीय गतिविधियाँ
ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने एक बयान जारी कर खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेना के ठिकानों के पास से नागरिकों को दूर रहने की चेतावनी दी है. IRGC ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी सामरिक जहाजों को निशाना बनाया और Al-Kharj बेस पर ईंधन भरने वाले वाहनों को नष्ट कर दिया. दूसरी ओर, 28 मार्च, 2026 को सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने Riyadh को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने की जानकारी दी.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) ने 11 मार्च, 2026 को प्रस्ताव 2817 (2026) अपनाया था, जिसमें ईरान द्वारा अपने पड़ोसियों, खासकर सऊदी अरब के खिलाफ किए गए हमलों की निंदा की गई थी और ऐसी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की मांग की गई थी.
अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई
अमेरिकी Central Command (CENTCOM) के एक प्रवक्ता ने Prince Sultan Air Base पर हुए हमले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, हालांकि कुछ अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों ने हमले, हताहतों और नुकसान की पुष्टि की. Pentagon ने सीधे तौर पर इस हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन पहले ईरान युद्ध में 300 से अधिक अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की रिपोर्ट दी थी, जिनमें से 10 अभी भी गंभीर रूप से घायल हैं.
इस बीच, 28 मार्च, 2026 को इजरायल ने ईरान के “शासन ठिकानों” पर हमले किए, जिनमें परमाणु सुविधाओं पर कथित हमले भी शामिल हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 28 मार्च को कहा कि अमेरिका के पास ईरान में अभी भी हजारों लक्ष्य बचे हैं और Strait of Hormuz को फिर से खोलने की समय सीमा 6 अप्रैल तक बढ़ा दी है. अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी 28 मार्च को संकेत दिया कि अमेरिका को सैन्य अभियान कुछ ही हफ्तों में खत्म होने की उम्मीद है.




