इजरायली हवाई हमले में लेबनान का एक सैनिक शहीद, दक्षिणी लेबनान में कई मौतें
28 मार्च 2026 को दक्षिणी लेबनान के डेर एल ज़हरानी (Deir El Zahrani) कस्बे में इजरायली हवाई हमले में लेबनान के एक सैनिक की मौत हो गई. लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (NNA) ने सेना के हवाले से यह जानकारी दी है. इस हमले के बाद से दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में तनाव काफी बढ़ गया है, जहाँ इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच लगातार झड़पें हो रही हैं.
दक्षिणी लेबनान में बढ़ते हमले और नुकसान
28 मार्च को इजरायली हवाई हमलों और तोपखाने की गोलाबारी में पूरे दक्षिणी लेबनान के 36 शहरों, कस्बों और इलाकों में कुल सात लोग मारे गए और 29 अन्य घायल हुए हैं. डेर एल ज़हरानी के अलावा, नबातियाह (Nabatieh), बिंट जेबील (Bint Jbeil), सरफंद (Sarafand), कफ़र तेबनित (Kfar Tebnit), तौलीन (Touline), हानिया (Haniyeh), हद्दाथा (Haddatha), डुएयर (Doueir), हरौफ (Harouf), कफ़र सिर (Kfar Sir), योहमोर अल-शकीफ़ (Yohmor al-Shaqif), ज़ौवतर अल-शर्किया (Zawtar al-Sharqiyah) जैसे कई शहरों को निशाना बनाया गया. जेज़ीन (Jezzine) में एक इजरायली ड्रोन हमले में एक नागरिक वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें एक महिला सहित कई लोग मारे गए. दुखद रूप से, पत्रकार अली शोएब (Ali Choeib) और फातिमा फतौनी (Fatima Ftouni), अपने वीडियोग्राफर सहयोगियों के साथ, जेज़ीन में एक कार पर हुए इजरायली हमले में अपनी जान गंवा बैठे.
वहीं, हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन हमले जारी रखे. इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ झड़पों के दौरान दो इजरायली सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए और सात अन्य को मध्यम चोटें आईं. IDF ने यह भी घोषणा की कि उसने बेरूत में एक हमले में हिजबुल्लाह की संचार इकाई के दो वरिष्ठ सदस्यों को मार गिराया है.
अधिकारियों और विशेषज्ञों की क्या राय है?
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजरायली हमलों को “युद्ध अपराध” बताया है. मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से इजरायली हमलों में कम से कम 1,142 लोग मारे गए हैं और 3,315 घायल हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्री रकन नसरेद्दीन (Rakan Nasreddine) ने बताया कि 2 मार्च को संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायल द्वारा 46 बचावकर्मी और पांच मेडिकल कर्मचारी मारे गए हैं.
लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन (Joseph Aoun) ने पत्रकारों को निशाना बनाने को “खुला अपराध” और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन करार दिया. लेबनानी प्रधानमंत्री नवाफ सलाम (Nawaf Salam) ने भी ऐसी ही भावनाएं व्यक्त कीं और इसे “अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन” बताया. इजरायली सेना ने अपने प्रवक्ता अविचाय अद्राई (Avichay Adraee) के माध्यम से दक्षिणी लेबनान के सात इलाकों (Maachouk, Burj al Shamali, Al Rashidiya, Deir Kifa, Qaquaiyat al Jisr, Wadi Jilo, और Al Bass) के निवासियों को ज़हरानी नदी (Zahrani River) के उत्तर में जाने की चेतावनी जारी की है. सेना का कहना है कि उनका इरादा हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने का है. ह्यूमन राइट्स वॉच (Human Rights Watch) ने भी संभावित युद्ध अपराधों पर चिंता जताई है, जिसमें इजरायली अधिकारियों के घर तोड़ने में तेजी लाने और शिया निवासियों को दक्षिणी लेबनान में उनके घरों में लौटने से रोकने के बयान शामिल हैं.




