यूक्रेन और खाड़ी देशों के बीच हुआ 10 साल का रक्षा समझौता, ज़ेलेंस्की ने सऊदी और कतर के साथ मिलाया हाथ
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने खाड़ी देशों के साथ मिलकर रक्षा के क्षेत्र में एक बड़े सहयोग का ऐलान किया है। 28 मार्च 2026 को हुए इस समझौते के तहत यूक्रेन और खाड़ी देश अगले 10 सालों तक एक-दूसरे की मदद करेंगे। इसमें हथियारों का मिलकर उत्पादन करना और नई तकनीक साझा करना शामिल है। ज़ेलेंस्की ने सऊदी अरब, कतर और यूएई के साथ इन रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया है ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके।
इन समझौतों में क्या है खास?
इस रक्षा समझौते के तहत यूक्रेन और खाड़ी देशों के बीच कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है। इसमें सबसे खास बात यह है कि दोनों पक्ष मिलकर हथियारों का उत्पादन करेंगे। इसके लिए यूक्रेन और खाड़ी देशों में उत्पादन लाइनें लगाई जाएंगी जिससे दोनों पक्षों को फायदा होगा।
- सऊदी अरब के साथ 10 साल का सुरक्षा समझौता साइन हो चुका है।
- कतर के साथ मिसाइल और ड्रोन रोधी तकनीक में सहयोग के लिए हाथ मिलाया गया है।
- यूएई के साथ भी सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में जल्द ही अंतिम समझौता होने वाला है।
- यूक्रेन अपने युद्ध के अनुभव को खाड़ी देशों के साथ साझा करेगा ताकि आसमान को ड्रोन हमलों से सुरक्षित रखा जा सके।
क्या इस समझौते से खाड़ी में तैनात होंगे यूक्रेनी सैनिक?
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यह साफ किया है कि इस मिशन का मतलब खाड़ी देशों में यूक्रेनी सैनिकों की तैनाती करना नहीं है। यूक्रेन केवल अपनी तकनीक और युद्ध के मैदान में मिले अनुभव को साझा करेगा। इस सहयोग से जो भी पैसा कमाया जाएगा, उसका इस्तेमाल यूक्रेन के लिए हथियार खरीदने में किया जाएगा।
| देश का नाम | समझौते की स्थिति | मुख्य फोकस |
|---|---|---|
| सऊदी अरब | हस्ताक्षरित (Signed) | 10 साल का सुरक्षा सहयोग |
| कतर | हस्ताक्षरित (Signed) | मिसाइल और ड्रोन बचाव |
| यूएई | अंतिम चरण में | सुरक्षा और साझा उत्पादन |
यूक्रेन के सैन्य विशेषज्ञ पिछले कुछ हफ्तों से यूएई में काम कर रहे हैं। वे वहां के सुरक्षा बलों को हवाई खतरों से निपटने और एयर डिफेंस को मजबूत करने की सलाह दे रहे हैं। यह समझौता मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




