Israel-Iran War Update: इजरायल ने तेहरान में ईरानी नौसेना के हेडक्वार्टर पर किया बड़ा हमला, 50 लड़ाकू विमानों ने की एयरस्ट्राइक
इजरायल की सेना ने 28 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान में बड़ी एयरस्ट्राइक की है। इस हमले में ईरानी सरकार के Marine Industries Organization (MIO) के मुख्यालय को निशाना बनाया गया है। इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) के मुताबिक, यह संगठन ईरान की नौसेना के लिए उन्नत हथियार और जहाज बनाने का मुख्य केंद्र है। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और सुरक्षा पर पड़ रहा है।
इजरायली हमले में क्या नुकसान हुआ और किसे निशाना बनाया गया?
IDF ने जानकारी दी है कि इस ऑपरेशन में 50 से ज्यादा लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। हमले का मुख्य मकसद ईरान की समुद्री युद्ध क्षमता को कम करना था। MIO मुख्यालय में रिसर्च, डेवलपमेंट और युद्धक जहाजों के साथ-साथ मानव रहित ड्रोन (unmanned equipment) बनाने का काम होता है। इजरायल का दावा है कि उन्होंने उन जगहों को भी निशाना बनाया है जहाँ एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य घातक हथियार विकसित किए जाते थे।
क्षेत्र के अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर क्या असर पड़ा?
इस युद्ध का असर अब ईरान और इजरायल से बाहर भी फैल गया है। यमन के Houthi विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ, कतर ने अपने हवाई क्षेत्र में ईरान की तरफ से आए ड्रोन को मार गिराया है और लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है। लेबनान में भी भारी बमबारी जारी है, जहाँ पिछले 24 घंटों में कई लोगों के हताहत होने की खबर है। सऊदी अरब में एक एयरबेस पर हुए हमले में अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।
प्रमुख घटनाओं और आंकड़ों पर एक नज़र
| देश/संगठन | वर्तमान स्थिति और अपडेट |
|---|---|
| Israel (IDF) | तेहरान में समुद्री हथियार बनाने वाले केंद्रों पर हमले किए |
| Iran | इस्फहान में हमलों के दौरान 26 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी |
| Qatar | ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया और सुरक्षा अलर्ट जारी किया |
| Maersk | ड्रोन हमले के खतरे के कारण सलालाह पोर्ट पर कामकाज रोका |
| Lebanon | युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 1100 से ज्यादा लोगों की मौत |
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए पाकिस्तान 30 मार्च को सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की मेजबानी करने वाला है। इसका उद्देश्य तनाव को कम करने और राजनयिक समाधान निकालना है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह आने वाले कुछ हफ्तों में सैन्य अभियानों के समाप्त होने की उम्मीद कर रहा है।




