US Central Command का बड़ा ऐलान, ईरान के खिलाफ युद्ध के बीच पहुंची अमेरिकी समुद्री सेना और फाइटर जेट्स
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि मध्य पूर्व के क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक बलों की नई खेप पहुंच गई है। यह तैनाती 27 मार्च 2026 को हुई थी, जिसकी पुष्टि 28 मार्च को की गई। इस दल में भारी संख्या में नौसैनिक, परिवहन विमान और घातक लड़ाकू विमान शामिल हैं। यह पूरी कार्रवाई ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान ‘Operation Epic Fury’ का हिस्सा है, जो फरवरी के आखिर से शुरू किया गया था।
इस नई सैन्य तैनाती से जुड़ी मुख्य जानकारियां
- USS Tripoli (LHA 7): यह एक विशाल अमेरिकी एम्फीबियस हमलावर जहाज है जो इस पूरे समूह का नेतृत्व कर रहा है।
- हवाई ताकत: इस जहाज के साथ F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट्स और ओस्प्रे जैसे विमान क्षेत्र में पहुंचे हैं।
- सैनिकों की संख्या: इस टुकड़ी में लगभग 2,500 से 3,500 समुद्री सैनिक और नाविक शामिल हैं जो 31वें मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं।
- सहायक जहाज: इस अभियान में USS New Orleans और USS San Diego जैसे युद्धपोत भी तैनात किए गए हैं।
- उद्देश्य: अमेरिकी कमांड का कहना है कि यह कदम ईरान की ओर से होने वाले खतरों को रोकने और उसके सुरक्षा ढांचे को कमजोर करने के लिए उठाया गया है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और कुवैत-सऊदी की स्थिति
खाड़ी क्षेत्र में चल रही इस हलचल का सीधा असर आसपास के देशों पर भी देखा जा रहा है। कुवैत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र को बताया है कि फरवरी के अंत से उनके इलाके में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिसमें कुवैती सुरक्षाकर्मियों की जान भी गई है। सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले की खबरें आई हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि बढ़ते सैन्य तनाव से हवाई मार्गों और सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव की संभावना रहती है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय अब इस क्षेत्र में और भी अधिक जमीनी सैनिकों को भेजने पर विचार कर रहा है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।




