IRGC का बड़ा ऐलान: अब इज़राइल और अमेरिकी यूनिवर्सिटी होंगे निशाने पर, क्षेत्र में अलर्ट जारी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हाल ही में एक बड़ा बयान जारी किया है जिसमें क्षेत्र में मौजूद इज़राइली और अमेरिकी यूनिवर्सिटी को वैध सैन्य लक्ष्य घोषित किया गया है। यह फैसला तब लिया गया जब ईरान ने अमेरिका और इज़राइल पर ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और इस्फ़हान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर जानबूझकर हमला करने का आरोप लगाया। इस घोषणा के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
IRGC ने क्या चेतावनियां और नियम जारी किए हैं?
ईरानी सैन्य अधिकारियों ने भविष्य की कार्रवाइयों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं जो प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं:
- खाली करने की सलाह: IRGC ने संभावित लक्ष्यों के आसपास 1 किलोमीटर के दायरे को खाली करने की सलाह दी है।
- कंपनियों को चेतावनी: अमेरिकी और इज़राइली कंपनियों से जुड़े कर्मचारियों को तुरंत अपने कार्यस्थलों से हटने के लिए कहा गया है।
- जवाबी कार्रवाई: ब्रिगेडियर जनरल माजिद मौसावी ने कहा है कि इस बार जवाबी कार्रवाई केवल बराबरी की नहीं बल्कि उससे कहीं ज्यादा बड़ी होगी।
- अंतरराष्ट्रीय कानून: ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों पर हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं।
हालिया घटनाक्रम और क्षेत्र पर इसका असर क्या है?
पिछले 24 से 48 घंटों में कई महत्वपूर्ण सैन्य और राजनयिक बदलाव देखे गए हैं जिनका विवरण नीचे दी गई तालिका में है:
| स्थान | घटना का विवरण |
|---|---|
| दुबई | अमेरिकी कमांडरों के ठिकानों और यूक्रेनी एंटी-ड्रोन डिपो पर हमले का दावा। |
| इस्फ़हान | क्षेत्र में 40 से अधिक विस्फोटों की खबरें मिली हैं। |
| UAE | वायु रक्षा प्रणाली ने 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 9 ड्रोन को हवा में नष्ट किया। |
| ईरान | देश भर में इंटरनेट सेवाओं पर पिछले चार हफ्तों से ब्लैकआउट जारी है। |
| यमन | हुथी विद्रोहियों ने इज़राइल पर अपने पहले हमले की शुरुआत की है। |
इस बीच, बड़ी संख्या में अमेरिकी नौसैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया है कि अब तक हमलों में 600 से अधिक स्कूलों को नुकसान पहुंचा है और बड़ी संख्या में छात्र हताहत हुए हैं। पाकिस्तान के साथ एक समझौते के तहत ईरान ने 20 पाकिस्तानी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने की बात कही है।




