यमन ने इजरायल पर दागी मिसाइलें, स्वेज नहर का रास्ता खतरे में, अब जहाजों के लिए लागू होगा नया नियम
यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला किया है, जिससे लाल सागर और स्वेज नहर के रास्ते पर खतरा बढ़ गया है। यह हमला करीब 2,000 किलोमीटर दूर से किया गया है। इस तनाव की वजह से दुनिया भर के व्यापार और सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, बाब अल-मंडेब और स्वेज नहर का रास्ता बंद होने से कई देशों में जरूरी सामान महंगा हो सकता है और ग्लोबल ट्रेड रुक सकता है।
हूती हमले और लाल सागर में व्यापारिक जहाजों की स्थिति
यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। हूती प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने बताया कि यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इजरायल अपने हमले बंद नहीं करता। इस इलाके में तनाव बढ़ने की वजह से Maersk जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों का रास्ता बदल दिया है। स्वेज नहर से दुनिया का करीब 12 से 15 प्रतिशत व्यापार होता है और इस रास्ते के खतरे में पड़ने से ग्लोबल सप्लाई चेन बिगड़ सकती है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के नए नियम क्या हैं?
ईरान की सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए अब अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। 28 फरवरी 2026 से लागू हुए इस नए सिस्टम के तहत अब तक 350 से ज्यादा जहाज ईरान की परमिट का इंतजार कर रहे हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के लिए यह रास्ता बंद रहेगा। हूती विद्रोहियों के पास इस समय 200 से ज्यादा मिसाइलें और 250 ड्रोन मौजूद हैं, जिसका इस्तेमाल वे इस समुद्री रास्ते पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए कर रहे हैं।
| मुख्य विवरण | ताजा जानकारी |
|---|---|
| हमले की दूरी | करीब 2,000 किलोमीटर |
| हॉर्मुज में फंसे जहाज | 350 से ज्यादा व्यापारिक जहाज |
| स्वेज नहर का महत्व | 30% वैश्विक कंटेनर ट्रैफिक |
| नए नियम की तिथि | 28 फरवरी 2026 से लागू |
| हूती नियंत्रण | यमन के 60% हिस्से पर कब्जा |




