PM Modi ने खाड़ी देशों का जताया आभार, पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीयों की सुरक्षा पर कही बड़ी बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 29 मार्च 2026 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में खाड़ी देशों की सरकारों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की देखभाल और मदद के लिए इन देशों के सहयोग की सराहना की। पीएम मोदी ने साफ कहा कि इस संकट की घड़ी में स्वार्थ की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है और भारत पूरी मजबूती से वैश्विक ईंधन संकट का सामना कर रहा है।
भारतीय प्रवासियों की मदद और सरकार के बड़े कदम
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर लगातार काम कर रहे हैं। सरकार ने बताया कि संकट के समय में लोगों की हर संभव सहायता की जा रही है। भारतीय मिशन वहां फंसे लोगों के लिए चौबीसों घंटे सेवाएं दे रहे हैं ताकि किसी को परेशानी न हो।
- दूतावासों के जरिए भारतीयों को भोजन, मेडिकल सहायता और रहने की जगह दी जा रही है।
- जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद और दस्तावेजी काम के लिए विशेष टीमें तैनात हैं।
- 28 फरवरी 2026 से अब तक 4,02,000 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है।
- विदेश मंत्रालय एक समर्पित कंट्रोल रूम के जरिए स्थिति की हर पल निगरानी कर रहा है।
ईंधन संकट और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर आए ईंधन संकट का डटकर मुकाबला कर रहा है। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर’ बनने की जरूरत पर जोर दिया ताकि दूसरे देशों पर भारत की निर्भरता कम हो सके। पीएम ने राजनीतिक दलों और नागरिकों से अपील की है कि वे पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर अफवाहें न फैलाएं और इसे राजनीतिक रंग न दें। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा देश के 140 करोड़ लोगों के हितों से जुड़ा है। मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर काफी उथल-पुथल भरा रहा है, जिसे देखते हुए सरकार सुरक्षा और वेलफेयर के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।




