Middle East में जंग रोकने के लिए Donald Trump और Netanyahu सबसे अहम, पूर्व भारतीय राजदूत KP Fabian का बड़ा बयान
इटली और कतर में भारत के राजदूत रहे KP Fabian ने मिडिल ईस्ट के हालातों पर अपनी महत्वपूर्ण राय दी है। उन्होंने ANI न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में कहा कि मौजूदा जंग को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इजरायली पीएम Benjamin Netanyahu ही सबसे बड़े और जरूरी खिलाड़ी हैं। उन्होंने इस संघर्ष को ‘मौत और तबाही का नाच’ बताया और कहा कि फिलहाल यह कहना बहुत मुश्किल है कि यह लड़ाई कब और कैसे खत्म होगी।
ℹ️: ईरान के डिफेंस प्लांट पर हुआ बड़ा हमला, सऊदी और बहरीन में भी बढ़ी हलचल।
क्या है KP Fabian का पूरा बयान और मौजूदा स्थिति?
KP Fabian के मुताबिक अमेरिका इस युद्ध को लेकर मिले-जुले संकेत दे रहा है। एक तरफ शांति की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस जंग की शुरुआत इजरायल और अमेरिका ने की है, न कि ईरान ने। भारत के पूर्व राजदूत ने जोर देकर कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ही इस संघर्ष को रोकने में मुख्य भूमिका निभा सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और इजरायल ‘फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशंस’ के जरिए इस लड़ाई को और ज्यादा बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को बातचीत के लिए 6 अप्रैल तक की डेडलाइन दी है ताकि Strait of Hormuz को दोबारा खोला जा सके।
मिडिल ईस्ट में पिछले 24 घंटों के बड़े घटनाक्रम
पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है और कई मोर्चों पर हमले जारी हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि इसका सीधा असर तेल की कीमतों और सुरक्षा पर पड़ रहा है। पिछले 24 घंटों की मुख्य घटनाएं इस प्रकार हैं:
- Hezbollah के हमले: हिजबुल्लाह ने इजरायली सैन्य ठिकानों Mahava Alon और Berea पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।
- Kuwait एयर डिफेंस: कुवैत की सेना ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की ओर आते मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया है।
- Al Araby ऑफिस पर हमला: कतर के न्यूज़ चैनल Al Araby के तेहरान दफ्तर पर इजरायली मिसाइल गिरी है जिससे लाइव प्रसारण रोक दिया गया है।
- अमेरिकी सैनिकों की तैनाती: अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाते हुए USS Tripoli को भेजा है और 10,000 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने की तैयारी चल रही है।
यह युद्ध अब एक महीने से ज्यादा समय पार कर चुका है और ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की धमकियां मिल रही हैं।




