ईरान पर हमलों के बीच आर्मेनिया ने जताया समर्थन, नागरिकों पर हमलों की कड़े शब्दों में की निंदा
आर्मेनिया ने ईरान के साथ खड़े होने का फैसला किया है और वहां हो रहे हमलों की निंदा की है। सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA के मुताबिक, आर्मेनिया ने खास तौर पर आम जनता और नागरिक इलाकों को निशाना बनाने पर दुख जताया है। पड़ोसी देश होने के नाते आर्मेनिया ने तनाव को कम करने और शांति बहाल करने की मांग की है।
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आर्मेनिया के विदेश मंत्रालय ने क्या बयान जारी किया?
आर्मेनिया के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि उन्हें अभी तक किसी आर्मेनियाई नागरिक के घायल होने या जान गंवाने की खबर नहीं मिली है। प्रधानमंत्री Nikol Pashinyan ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जिसमें ईरान के हालात पर गहरी चर्चा हुई। आर्मेनिया ने उन सभी परिवारों के प्रति हमदर्दी जताई है जिन्होंने इन हमलों में अपनों को खोया है। सरकार का कहना है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
हमलों को लेकर वर्तमान में क्या स्थिति है?
ईरान के अधिकारी इन हमलों के पीछे के कारणों और नुकसान की जांच कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि Amir Saeid Iravani ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन वह अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि कुछ हमले तकनीकी कारणों या सुरक्षा प्रणालियों के दखल की वजह से रिहायशी इलाकों की तरफ मुड़ गए होंगे। नीचे दी गई टेबल में आप स्थिति को विस्तार से समझ सकते हैं:
| विषय | ताजा जानकारी |
|---|---|
| ईरान का पक्ष | अपनी जमीन और लोगों की रक्षा करने का इरादा |
| आर्मेनिया का रुख | ईरान के साथ एकजुटता और शांति की अपील |
| हमलों का असर | आम नागरिकों और रिहायशी ठिकानों पर पड़ा प्रभाव |
| जांच की स्थिति | ईरान के अधिकारी सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हुए नुकसान का पता लगा रहे हैं |
- आर्मेनिया ने क्षेत्र में स्थिरता के लिए बातचीत का समर्थन किया है।
- ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता के साथ समझौता नहीं करेगा।
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तनाव कम करने की लगातार मांग की जा रही है।




