US Iran Tension: अमेरिका ईरान में उतार सकता है अपनी फौज, ट्रंप ने 6 अप्रैल तक का दिया समय, मिडिल ईस्ट में अलर्ट
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की सुगबुगाहट अब और तेज हो गई है। पेंटागन ईरान में जमीनी कार्रवाई के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें खास इलाकों पर कब्जा करना भी शामिल है। एक्सपर्ट केनेथ काट्ज़मैन का कहना है कि हवाई हमलों से वे लक्ष्य पूरे नहीं किए जा सकते जो एक सीमित जमीनी हमले से हासिल हो सकते हैं। फिलहाल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन योजनाओं पर अपनी अंतिम मुहर नहीं लगाई है, लेकिन उन्होंने ईरान को 6 अप्रैल तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोलने की मोहलत दी है।
अमेरिका की सैन्य तैयारी और कौन से इलाके हैं निशाने पर?
पेंटागन की ओर से तैयार की जा रही योजनाओं में पूर्ण युद्ध के बजाय सीमित समय के लिए ग्राउंड ऑपरेशन की बात कही जा रही है। इसमें स्पेशल ऑपरेशन्स फोर्स और पैदल सेना के जरिए छापे मारने की योजना है। मुख्य रूप से ईरान के तेल निर्यात से जुड़े इलाकों और समुद्री रास्तों पर कंट्रोल करने की तैयारी है।
- खार्ग द्वीप (Kharg Island): यह ईरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र है, जिसे निशाना बनाया जा सकता है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य: इस समुद्री रास्ते के पास के तटीय इलाकों पर अमेरिकी फौज कब्जा कर सकती है।
- हवाई और जमीनी ताकत: अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में हजारों नौसैनिकों और 82nd एयरबोर्न डिवीजन के पैराट्रूपर्स की तैनाती कर दी है।
- एक्सपर्ट की राय: केनेथ काट्ज़मैन के मुताबिक, जैसे ही अमेरिका ईरान की जमीन पर कब्जा करना शुरू करेगा, स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी।
ईरान की जवाबी धमकी और आम लोगों पर क्या होगा असर?
ईरान ने अमेरिका की इन तैयारियों का जवाब देने के लिए अपनी सेना को अलर्ट कर दिया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने धमकी दी है कि अगर उनके संस्थानों पर हमले बंद नहीं हुए, तो वे मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी यूनिवर्सिटीज को निशाना बनाएंगे। उन्होंने आम लोगों, छात्रों और कर्मचारियों को ऐसी जगहों से दूर रहने को कहा है।
| मुख्य बिंदु | ताजा स्थिति |
|---|---|
| ईरानी सेना की संख्या | ईरान का दावा है कि उसने 10 लाख से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया है |
| ट्रंप की डेडलाइन | ईरान को 6 अप्रैल तक का समय दिया गया है |
| प्रवासियों पर असर | खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यात्रा और सुरक्षा चिंता का विषय है |
| हुथी विद्रोहियों की एंट्री | ईरान समर्थित हुथी विद्रोहियों ने भी मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं |
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के हमले संयुक्त राष्ट्र के नियमों के खिलाफ हैं। ईरान ने साफ किया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें, क्योंकि इस तनाव का सीधा असर तेल की कीमतों और विमान सेवाओं पर पड़ सकता है।




