Iran News Update: ईरान के हमलों से खाड़ी देशों में मची खलबली, पूर्व भारतीय राजनयिक ने बताया इसे युद्ध का नया मोड़
पूर्व भारतीय राजनयिक महेश सचदेव ने ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष को लेकर अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि ईरान की जवाबी कार्रवाई ने युद्ध की स्थिति में एक अप्रत्याशित मोड़ ला दिया है। पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में हमले हुए हैं, जिनसे यूएई, सऊदी अरब और बहरीन जैसे देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। भारतीय नागरिकों के लिए भी यह खबर चिंताजनक है क्योंकि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रवासी काम करते हैं।
खाड़ी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में कहां-कहां हुए हमले?
मिडिल ईस्ट में तनाव अब चरम पर पहुंच गया है और कई देशों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। ईरान और उससे जुड़े समूहों ने अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया है। इसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:
| स्थान/देश | नुकसान और प्रभाव |
|---|---|
| बहरीन (Alba Plant) | दो कर्मचारी घायल हुए, उत्पादन केंद्र को निशाना बनाया गया। |
| यूएई (EGA) | एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमीनियम में भारी नुकसान और 6 लोग घायल। |
| सऊदी अरब (Air Base) | प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल। |
| कुवैत | 15 ईरानी ड्रोनों और मिसाइलों को एयर डिफेंस ने मार गिराया। |
| इराक (US Embassy) | बगदाद में अमेरिकी दूतावास की ओर आते दो ड्रोनों को नष्ट किया गया। |
| इजरायल/यमन | हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर दो मिसाइल हमले किए। |
ईरान की मजबूती और भारतीय हितों पर इसका क्या असर होगा?
महेश सचदेव के अनुसार ईरान का बुनियादी ढांचा काफी मजबूत है और वह बाहरी हमलों के बावजूद अपनी व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है। ईरान ने अपने बिजली और गैस ग्रिड को इस तरह तैयार किया है कि साइबर हमलों या बमबारी के बाद भी सप्लाई पूरी तरह बंद न हो। सैन्य ढांचे के मामले में भी ईरान ने विकेंद्रीकरण की नीति अपनाई है, जिससे उसके नेतृत्व को खत्म करना मुश्किल काम है।
भारत के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा और कच्चे तेल की कीमतें सीधे तौर पर इस युद्ध से प्रभावित होती हैं। यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों में तेल के ठिकानों पर हमलों से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ने की संभावना है। सचदेव ने पहले भी कहा था कि इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भारत के हितों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।
क्या ईरान पर हमलों से स्थिति और बिगड़ेगी?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान अपने सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों का जवाब देने के लिए अपनी रक्षात्मक कार्रवाई जारी रखेगा। इजरायल ने भी तेहरान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जिसके बाद शहर में भारी धुंआ देखा गया। अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने रिपोर्ट दी है कि हमलों से ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमता को नुकसान तो हुआ है, लेकिन उनकी लड़ने की क्षमता अब भी बनी हुई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को स्थानीय दूतावासों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।




