Sri Lanka Inflation News: ईरान-इजराइल जंग से श्रीलंका में हाहाकार, पेट्रोल 30% महंगा और खाने के दाम भी बढ़े
ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध ने श्रीलंका की आर्थिक स्थिति को भारी मुश्किल में डाल दिया है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस टकराव के कारण श्रीलंका में ईंधन और जरूरी सामानों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। Al Jazeera की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, यह आर्थिक संकट ऐसे समय में आया है जब श्रीलंका में चावल की कटाई का सीजन चल रहा है, जिससे किसानों पर सीधा और बुरा असर पड़ा है।
ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और नए नियम
श्रीलंका सरकार ने तेल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम में 26 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके कारण बस के किराए और सामान ढोने वाले वाहनों के खर्चे बढ़ गए हैं जिससे आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ा है। श्रीलंका की सरकारी तेल कंपनी Ceypetco और Lanka IOC ने भी दाम बढ़ाए हैं। हालात को काबू में करने के लिए सरकार ने कुछ कड़े कदम उठाए हैं:
- ईंधन की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए QR-आधारित राशनिंग सिस्टम लागू किया गया है।
- कैबिनेट प्रवक्ता Nalinda Jayatissa ने जनता से बिजली और तेल का सीमित इस्तेमाल करने की अपील की है।
- बस किराए में हुई बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने कहा है कि तेल सस्ता होने पर इसे घटाया जाएगा।
- IMF की टीम 26 मार्च से 6 अप्रैल के बीच Colombo का दौरा कर बेलआउट पैकेज की समीक्षा करेगी।
किसानों और आम जनता पर बढ़ती महंगाई का असर
युद्ध की वजह से Strait of Hormuz का रास्ता प्रभावित होने से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल और भारी मात्रा में Urea खाद की सप्लाई रुक गई है। श्रीलंका अपनी ऊर्जा जरूरतों का 60 प्रतिशत आयात करता है, इसलिए वहां हालात ज्यादा खराब हो गए हैं। खेती और जरूरी सामानों पर इसका असर कुछ इस तरह दिख रहा है:
| प्रभावित क्षेत्र | असर का विवरण |
|---|---|
| पेट्रोल और डीजल | कीमतों में 30 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा हुआ |
| खाद्य सामग्री | सब्जी, चावल और मछली के दाम बढ़ गए हैं |
| महंगाई अनुमान | Kiel Institute के अनुसार खाने के दाम 15% बढ़ सकते हैं |
| खेती (Paddy) | खाद की कमी से धान की पैदावार घटने का खतरा है |
राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake ने चेतावनी दी है कि युद्ध के कारण श्रीलंका को बाहरी झटकों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आने वाले दिनों में बिजली कटौती और सामान की किल्लत बढ़ने की आशंका जताई है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ईंधन संकट का असर श्रीलंका की पूरी अर्थव्यवस्था पर काफी गहरा पड़ेगा।




