ईरान ने बहरीन और UAE में अमेरिकी लिंक वाले उद्योगों पर किया हमला, IRGC ने जारी किया नया अलर्ट
ईरान की IRNA न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 29 मार्च 2026 को बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों का मकसद उन सैन्य उद्योगों को निशाना बनाना था जो अमेरिका से जुड़े हुए हैं। IRGC ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई ईरान के औद्योगिक ढांचे पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए की गई है। इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर हलचल तेज हो गई है।
हमले के पीछे क्या वजह है और किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि यह हमले ‘US-Israeli’ हमलों के जवाब में किए गए हैं, जो कथित तौर पर खाड़ी देशों के बेस से ईरान पर किए गए थे। बहरीन की कंपनी Aluminium Bahrain (Alba) ने पुष्टि की है कि उनके प्लांट को शनिवार 28 मार्च को निशाना बनाया गया था। इस हमले में दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं। इसके अलावा, यूएई के Emirates Global Aluminium (EMAL) प्लांट और दुबई में एक यूक्रेनी एंटी-ड्रोन सिस्टम डिपो को भी निशाना बनाने की खबरें हैं।
IRGC के नए बयान और भविष्य की चेतावनी की मुख्य बातें
IRGC ने स्टेटमेंट नंबर 50 जारी करते हुए पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इज़राइली यूनिवर्सिटी को भी वैध लक्ष्य घोषित किया है। मुख्य घटनाक्रम नीचे दी गई तालिका में देखे जा सकते हैं:
| दिनांक | मुख्य घटना |
|---|---|
| 28 मार्च 2026 | Alba प्लांट बहरीन पर हमला हुआ और इज़राइली बुनियादी ढांचे पर ड्रोन हमला किया गया |
| 29 मार्च 2026 | IRGC ने आधिकारिक तौर पर हमलों की जिम्मेदारी ली और नया बयान जारी किया |
| 30 मार्च 2026 | अमेरिका के लिए ईरानी यूनिवर्सिटी पर हमले की निंदा करने की अंतिम समय सीमा |
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि अमेरिका गुप्त रूप से जमीनी हमले की योजना बना रहा है, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दुबई में हमलों की खबरों को गलत बताया है। IRGC ने यूनिवर्सिटी में काम करने वाले कर्मचारियों और छात्रों को तुरंत वहां से हटने की सलाह दी है क्योंकि आने वाले समय में तनाव और बढ़ सकता है।




