इजरायल में ईरान के खिलाफ जंग का विरोध, तेल अवीव में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई, 18 लोग गिरफ्तार
इजरायल और अमेरिका की ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई के विरोध में शनिवार को तेल अवीव और हाइफा जैसे शहरों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। यह सैन्य ऑपरेशन अब अपने दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 18 लोगों को हिरासत में लिया है। इजरायल में इस समय युद्ध के कारण भीड़ जमा होने पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं, जिनका उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की गई है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने क्यों की कार्रवाई?
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने का काम किया और अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं किया। Home Front Command के नियमों के अनुसार, मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए 50 से अधिक लोगों के एक जगह जमा होने पर रोक है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि तेल अवीव में 13 और हाइफा में 5 लोगों को नियमों के उल्लंघन और अशांति फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा कारणों से देश के कई हिस्सों में अभी भी इमरजेंसी रेगुलेशन लागू हैं ताकि मिसाइल हमलों के दौरान जान-माल का नुकसान कम हो।
इजरायल में वर्तमान स्थिति और प्रतिबंधों का विवरण
ईरान और लेबनान की ओर से होने वाले हमलों के खतरे के बीच इजरायल सरकार ने सार्वजनिक आयोजनों पर कड़ी नजर रखी हुई है। नीचे दी गई टेबल में वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई है:
| विवरण | ताजा अपडेट |
|---|---|
| जमा होने की सीमा | अधिकतम 50 लोग (बाहर) |
| कुल गिरफ्तारियां | 18 (तेल अवीव और हाइफा) |
| विरोध का मुख्य कारण | ईरान के खिलाफ जारी सैन्य ऑपरेशन |
| धार्मिक कार्यक्रम | Holy Week के बड़े कार्यक्रम रद्द या स्थगित |
| जनता की राय | 11.5% यहूदी इजरायली अब युद्ध के विरोध में |
क्या है Home Front Command की नई गाइडलाइन्स?
Home Front Command ने हाल ही में कुछ नियमों में बदलाव किया था, जिसके तहत इंडोर में 100 और आउटडोर में 50 लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति दी गई थी। इन आयोजनों के लिए शर्त यह है कि पास में सुरक्षा शेल्टर मौजूद होना चाहिए। शनिवार को हुए इन विरोध प्रदर्शनों को पुलिस ने अवैध करार दिया क्योंकि इनमें सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। प्रधानमंत्री Netanyahu ने जनता से इन निर्देशों का पालन करने की अपील की है। हालांकि, Standing Together जैसे प्रदर्शनकारी संगठनों का दावा है कि पुलिस विरोध की आवाज को दबाने के लिए इन नियमों का सहारा ले रही है।




