Iraq News Update: इराक का पड़ोसी देशों को भरोसा, अपनी ज़मीन से नहीं होने देगा कोई भी हमला
इराक के विदेश मंत्री Fuad Hussein ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी कर पड़ोसी देशों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि इराक अपनी ज़मीन का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ हमले या आक्रामक गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा। यह बयान 29 मार्च 2026 को अरब लीग की बैठक के दौरान दिया गया। इराक सरकार का यह रुख खाड़ी देशों और जॉर्डन के साथ रिश्तों को मजबूत करने और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इराक के विदेश मंत्री ने सुरक्षा को लेकर क्या स्पष्ट किया?
इराक के विदेश मंत्री Fuad Hussein ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई बैठक में अपनी नीति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि इराक किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा और न ही अपनी भूमि पर किसी सशस्त्र गुट को पड़ोसी देशों को निशाना बनाने की अनुमति देगा। इराक की सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि गल्फ देशों और जॉर्डन की सुरक्षा उनके लिए बहुत जरूरी है और यह इराक की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि उनकी सुरक्षा एजेंसियां पड़ोसी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि किसी भी हमले की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए जरूरी कदम
इराक ने पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई फैसले लिए हैं, जिनका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा:
- अमेरिका के साथ समझौता: 28 मार्च 2026 को इराक और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और एक समन्वय समिति बनाने पर सहमति बनी है।
- एयरस्पेस पर पाबंदी: सुरक्षा कारणों से 27 मार्च से इराक के हवाई क्षेत्र को 72 घंटों के लिए बंद कर दिया गया है।
- हथियाबंद गुटों पर निगरानी: इराक सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी ज़मीन से होने वाले किसी भी हमले के लिए जिम्मेदार गुटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
- जांच समितियां: हाल ही में Basra और Duhok जैसे इलाकों में हुई ड्रोन और अन्य हिंसक घटनाओं की जांच के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।
- समन्वय: पड़ोसी देशों के साथ जानकारी साझा करने के लिए एक सीधा चैनल बनाया गया है ताकि हमलों को रोका जा सके।
इराक की इस पहल से सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा की भावना बढ़ेगी। क्षेत्रीय स्थिरता से व्यापार और यात्रा पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।




