US-Israel और Iran युद्ध के 30 दिन पूरे, UAE और बहरीन में हुए हमले, शांति के लिए इस्लामाबाद में बड़ी बैठक
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग को आज 30 दिन पूरे हो चुके हैं। इस संघर्ष की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा का संकट बढ़ता जा रहा है। 29 मार्च 2026 को इस युद्ध के ताज़ा हालात पर चर्चा करने और इसे रोकने के लिए पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने इस्लामाबाद में एक अहम बैठक की है। इस दौरान ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों में स्थित कुछ ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध में अब तक क्या-क्या हुआ?
28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस युद्ध में अब तक जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों ने ईरान के परमाणु केंद्रों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में अब तक कम से कम 1,937 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान ने भी पलटवार करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी एयर डिफेंस और सैटेलाइट सिस्टम पर हमले किए हैं। इन हमलों में अमेरिका के AWACS विमानों और ईंधन भरने वाले टैंकरों को नुकसान पहुँचा है और 15 सैनिक घायल हुए हैं।
- ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है।
- पेंटागन अब ईरान में जमीनी स्तर पर सैन्य ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
- यमन के हूती विद्रोही भी अब ईरान के समर्थन में इस युद्ध में शामिल हो गए हैं।
- इजरायल के तेल अवीव में युद्ध के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इस जंग का क्या असर पड़ेगा?
युद्ध का असर अब सीधे तौर पर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों पर दिखने लगा है। ईरान की सेना IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने यूएई (UAE) और बहरीन (Bahrain) में एल्युमीनियम से जुड़ी सुविधाओं पर हमले किए हैं। यह हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों के जवाब में बताए जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने खाड़ी देशों पर ईरान के इन जवाबी हमलों की निंदा की है।
| प्रमुख जानकारी | विवरण |
|---|---|
| शांति वार्ता का केंद्र | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| प्रभावित देश | ईरान, इजरायल, UAE, बहरीन, जॉर्डन |
| परमाणु केंद्र पर असर | नतांज परमाणु प्लांट के प्रवेश द्वारों को नुकसान पहुँचा है |
| मध्यस्थता की कोशिश | पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, सऊदी अरब और ओमान |
इस स्थिति को देखते हुए खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सतर्क रहने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि ईरान के परमाणु केंद्रों को नुकसान हुआ है, लेकिन वहां परमाणु हथियार बनाने का कोई सबूत फिलहाल नहीं मिला है। रूस की ओर से ईरान को मानवीय मदद भेजने की खबरें भी सामने आई हैं। शांति वार्ताओं का दौर जारी है, लेकिन अभी तक युद्ध रुकने के कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं।




